सराय ख्वाजा के युवक में रेबीज के संदिग्ध लक्षण दिखे, अकेले रहने के कारण पड़ोसियों ने संभाली जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में रेबीज के संदिग्ध मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को सराय ख्वाजा क्षेत्र में एक युवक का व्यवहार अचानक असामान्य हो गया। उसने आसपास मौजूद कई लोगों पर हमला कर उन्हें काट लिया। युवक के अकेले रहने के कारण पड़ोसियों ने किसी तरह उसे काबू किया, हाथ-पैर बांधे और निजी एंबुलेंस से बीके नागरिक अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार और जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। कुछ दिन पहले आदर्श नगर में भी कुत्ते के काटने के बाद एक युवक में रेबीज के संदिग्ध लक्षण सामने आए थे।
जानकारी के अनुसार युवक की पहचान साहिल के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अकेला रहता है। कुछ समय पहले उसे एक कुत्ते ने काटा था। शुक्रवार को उसका व्यवहार अचानक बदल गया और वह आसपास मौजूद लोगों पर झपटने लगा। इस दौरान उसने कई लोगों को काट लिया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। पड़ोसियों ने काफी मशक्कत के बाद उसे काबू किया, हाथ-पैर बांधे और बीके अस्पताल पहुंचाया।
बीके अस्पताल से दिल्ली किया रेफर
अस्पताल पहुंचते ही युवक को डॉक्टरों की निगरानी में लिया गया। सूचना मिलने पर पल्ला पुलिस चौकी की टीम भी अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों ने उसकी जांच की और रेबीज के संदिग्ध लक्षणों की आशंका के आधार पर प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि केवल लक्षणों के आधार पर रेबीज की पुष्टि नहीं की जा सकती। अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय जांच और मरीज की मेडिकल हिस्ट्री के बाद ही सामने आएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने उन सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है, जो युवक के संपर्क में आए या जिन्हें उसने काटा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर वैक्सीन और आवश्यक उपचार ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
कुछ दिन पहले आदर्श नगर में भी आया था ऐसा मामला
इससे पहले आदर्श नगर निवासी मोनू में भी कुत्ते के काटने के करीब एक सप्ताह बाद रेबीज के संदिग्ध लक्षण दिखाई दिए थे। बताया गया था कि उसे गली के एक लावारिस कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी। बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह असामान्य व्यवहार करने लगा। परिजन उसे हाथ-पैर बांधकर बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे भी दिल्ली रेफर कर दिया था। इस घटना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की अपील की थी।
रेबीज से बचाव के लिए ये करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता, बंदर, बिल्ली या कोई अन्य संदिग्ध जानवर काट ले तो घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यकता होने पर रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन लगवाना चाहिए। लक्षण दिखाई देने का इंतजार करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि रेबीज के लक्षण विकसित होने के बाद बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है।
मामला संज्ञान में आया है। मरीज की जांच कर स्थिति का आकलन किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे दिल्ली रेफर किया गया है।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी