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Faridabad News: मोबाइल पर बात करते हुए ट्रेन की चपेट में आया युवक

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-ट्रेन की चपेट में आकर 11 वर्ष के बच्चे सहित तीन लोगों की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन से सटकर मोबाइल पर बात करते हुए एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। कुछ दूरी पर खड़े उसके दोस्त ने ट्रेन आने की जानकारी देकर उससे दूर हटने के लिए कहा, लेकिन कॉल पर होने के कारण वह उसकी आवाज भी सुन नहीं सका और चपेट में आ गया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। वहीं, बंद मुजेसर फाटक को पार करते हुए एक साइकिल सवार युवक की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। गुरुग्राम नहर बल्लभगढ़ के पास से गुजर रही रेलवे लाइन को पार कर बल्लभगढ़ सब्जी लेने जा रहा 11 वर्ष के बच्चे की भी ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। जीआरपी ने तीनों के शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिए।
एनआईटी-5 नंबर एल ब्लॉक निवासी योगेश सूरी ने बताया कि वह निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके चार बेटे हैं, जिसमें गिरीश सूरी (18) दूसरे नंबर का बेटा था। वह एक होटल पर काम करता था। सोमवार देर शाम गिरीश दोस्त कमल के साथ रेलवे लाइन के पास गया था। गिरीश ट्रेन की पटरियों से सटकर चल रहा था और किसी से कॉल पर बात करते में व्यस्त था। पीछे से ईएमयू को आता देख उसके दोस्त ने उसे हटने के लिए कहा लेकिन गिरीश ने ध्यान नहीं दिया। गिरीश लोकल ट्रेन की चपेट में आने से घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए बीके अस्पताल ले गए। गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया। दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त एंबुलेंस में ही युवक ने दम तोड़ दिया। जांच अधिकारी उप निरीक्षक धनी राम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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फाटक पार करते वक्त हुआ हादसा
सोमवार शाम को मुजेसर फाटक बंद होने की वजह से एक साइकिल सवार रितेश (22) फाटक को पार करने के लिए रेलवे लाइन पर आया। तभी वह रेलवे लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में आ गया। जिससे उसका शरीर पूरी तरह से शत विक्षत हो गया। रितेश फरीदाबाद में अपने चचेरे भाइयों के साथ रहता था। मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। यह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।
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चार बहनों के इकलौते भाई की मौत

गुरुग्राम नहर बल्लभगढ़ के पास से गुजर रही रेलवे लाइन को पार करके मंगलवार रात आठ बजे चंदन नगर निवासी रोहित (11) बल्लभगढ़ सब्जी लेने के लिए जा रहा था। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। रोहित के पिता धर्मेंद्र निजी कंपनी में काम करते हैं। उसकी चार बेटियां हैं। चार बहनों के बीच इकलौता भाई की मौत के बाद उनके घर में कोहराम मचा हुआ है।
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47 लोगों की जा चुकी है हादसा
जीआरपी से मिले आंकड़ों के अनुसार साल 2021 में 276, साल 2022 में 367 और 2023 में 326 और जनवरी से 13 मार्च 2024 तक 47 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से जान गई है। औद्योगिक नगरी में बड़ी तादाद में कामगार वर्ग रहता है। लोग सुबह-सुबह काम पर निकलते समय चंद मिनट बचाने के चक्कार में अपनी जान आफत में डाल देते है। कुछ लोग तो फाटक बंद होने के बाद भी रुकते नहीं है और जान जोखिम में डालकर फाटक पार करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा रेल से कटने के हादसे लक्कड़पुर रेलवे फाटक, न्यू टाउन रेलवे स्टेशन, मुजेसर फाटक और बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन के समीप होते हैं। वहीं अंडरपास और रेलवे ओवर ब्रिज नहीं होना भी बढ़ते हादसों का बड़ा कारण है।
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बना रखे हैं अवैध कट
रेलवे लाइन के पास भगत कॉलोनी, एसी नगर, इंदिरा नगर, संत नगर आदि कॉलोनियां बसी हुई हैं। यहां के लोगों ने लाइन के पास अवैध रूप से आने जाने के लिए कट बना रखे हैं। यहां तक की रेलवे विभाग की ओर से लाइन के दोनों ओर हादसों को रोकने के लिए बनाई गई दीवार को भी अवैध रूप से लोगों ने तोड़ दिया है। उस दीवार को तोड़ कर लोग आए दिन सैकड़ों की संख्या में रेलवे लाइन पार करते हैं। जिसके चलते कुछ लोग ट्रेन की चपेट में आ जाते है।
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