संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के पाली गांव की महिलाएं अब अपने हुनर के बल पर हस्तकला के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, क्रोशिया और अन्य पारंपरिक कलाओं के माध्यम से वे आकर्षक व उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। उनके बनाए बैग, कुशन कवर, सजावटी सामान और हस्तनिर्मित उपहार स्थानीय बाजारों में भी पसंद किए जा रहे हैं। इस कार्य से महिलाओं को अतिरिक्त आय मिलने लगी है, जिससे वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। गांव की कई और महिलाएं इस काम के प्रति आकर्षित होकर प्रशिक्षण लेकर इस कार्य से जुड़ी हैं।
घरेलू जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने खाली समय में हस्तकला का काम करती हैं। उनका कहना है कि पहले यह केवल शौक था, लेकिन अब यही आय का महत्वपूर्ण साधन बन गया है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर हस्तनिर्मित उत्पादों की मांग बढ़ने से उनकी कमाई में भी इजाफा होता है।
इस काम को करने के लिए अलग से समय नहीं निकालना पड़ता और आय भी अच्छी होती है। - संतोष
हस्तकला ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया है। यह कार्य हमारी पारंपरिक कला को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। - गीता