गांव झाड़सेतली निवासी निवासी विमल ने बताया, पत्नी सैलजा को शनिवार शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह उसको बल्लभगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल में लेकर गए। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सैलजा की डिलीवरी ऑपरेशन से होगी, और उसे बीके अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल वालों ने कहा कि पत्नी को एंबुलेंस से बीके अस्पताल ले जाएं, लेकिन काफी समय इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान पत्नी को पीड़ा तेज हो गई और वह ऑटो में पत्नी को बीके अस्पताल के लिए निकल गए। वाईएमसीए फ्लाईओवर के पास सैलजा ने बच्ची को जन्म दे दिया।
बीके अस्पताल के इमरजेंसी की गेट पर पहुंचने के बाद स्टाफ ने जच्चा व बच्चा को भर्ती कराया। डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया। पति विमल का आरोप है कि अगर बल्लभगढ़ अस्पताल के डॉक्टर सही तरह कैसे जांच करते तो, उनकी पत्नी की डिलीवरी अस्पताल में ही होती।