मकान मालिक पर लंबे समय से मरम्मत नहीं कराने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। खेड़ी पुल थाना क्षेत्र स्थित भारत कॉलोनी की गली नंबर-2 में जर्जर मकान की ग्रिल टूटने से पहली मंजिल से गिरकर महिला की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मकान मालिक पर लंबे समय से मरम्मत नहीं कराने का आरोप लगाया है।
मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुनीता के रूप में हुई है। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली थी और करीब 10 वर्षों से भारत कॉलोनी स्थित दो मंजिला मकान की पहली मंजिल पर परिवार के साथ किराये पर रह रही थी। परिवार में पति, दो अविवाहित बच्चे व एक विवाहित बेटी है। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 5:50 बजे सुनीता घर का काम कर रही थी। वह वाशरूम से पानी की बाल्टी लेकर कमरे की ओर लौट रही थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया। सहारा लेने के लिए उन्होंने छज्जे पर लगी लोहे की ग्रिल पकड़ ली लेकिन वर्षों पुरानी और जंग लगी ग्रिल अचानक उखड़ गई। ग्रिल के साथ सुनीता पहली मंजिल से नीचे गली में जा गिरी। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी और काफी खून बह गया।
तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसी सुखबीर ठाकुर ने बताया कि ग्रिल काफी समय से जर्जर थी और लगातार हो रही बारिश के कारण छज्जे में नमी आने से उसकी मजबूती और कम हो गई थी। लोगों ने तुरंत सुनीता को निजी अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि करीब 30 वर्ष पुराने इस मकान की दीवारों, छज्जों और लोहे की ग्रिलों में लंबे समय से दरारें और जंग लगी हुई थी। किरायेदारों ने कई बार मकान मालिक राजेश को मरम्मत कराने के लिए कहा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि मकान मालिक के क्षेत्र में दो पुराने मकान हैं और दोनों की हालत काफी खराब है।
घटना की सूचना मिलने पर खेड़ी पुल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण जर्जर लोहे की ग्रिल का टूटना सामने आया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में मकान मालिक की लापरवाही बनती है या नहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मकान की मरम्मत करा दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।