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हवा की रफ्तार थमी, फिर बढ़ने लगा प्रदूषण

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फरीदाबाद। हवा की गति कम रहने की वजह से शहर में प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी की गई सूची के अनुसार रविवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 353 दर्ज किया गया। यह शनिवार की तुलना में 87 अंक अधिक है। जिले में प्रदूषण में सुधार केवल हवा पर निर्भर है। हवा तेज चलती है तो एक्यूआई कम हो जाता है और नहीं चलती है तो बढ़ जाता है। सिविक एजेंसियों के पास प्रदूषण रोकथाम की कोई ठोस रणनीति नहीं है। यही कारण है कि लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
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चार दिन तेज हवा चलने से प्रदूषण के स्तर में काफी सुधार हुआ था। फरीदाबाद का एक्यूआई 250 के आसपास पहुंच गया था। हवा की रफ्तार कम होने से एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शनिवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 266 तक पहुंच गया था, जो रविवार को 353 दर्ज किया गया। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र की हवा सबसे खराब रही। यहां का एक्यूआई 370 दर्ज किया गया। वहीं, बल्लभगढ़ क्षेत्र में एक्यूआई 303 दर्ज किया गया।
पानी छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति
सिविक एजेंसी नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों के किनारे धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने का दावा किया जाता है जबकि यह पानी का छिड़काव केवल उन्हीं इलाकों में किया जा रहा है जहां सड़कें साफ सुधरी है। हार्डवेयर सोहना रोड, हार्डवेयर प्याली रोड, तिकोना पार्क सड़क, सेक्टर-12 को जाने वाली मुख्य सड़क सहित अनेक सड़कें ऐसी है जहां सड़कों के किनारे मिट्टी का ढेर लगा हुआ है। सुबह-शाम वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ती है। इस धूल में लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। यहां निगम की ओर से पानी का कोई छिड़काव नहीं कराया जाता है।
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वर्जन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रदूषण फैलानी वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कोई भी लापरवाही मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। - दिनेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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