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यमुना के पानी को कौन कर रहा है दूषित, जांच शुरू, सात दिनों तक लिया जाएगा सैंपल

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यमुना के पानी का सैंपल लेते प्रदूषण विभाग के अधिकारी । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद (दुर्गेश झा )। हाल ही में यमुना में झाग (अमोनिया) पर दिल्ली ने हरियाणा सरकार पर पानी को दूषित करने का आरोप लगाया था। इसे लेकर हरियाणा सरकार दिल्ली में यमुना के प्रवेश और बाहर निकलने वाले स्थानों से पानी का सैंपल ले रही है। जिससे पता चल सके कि दिल्ली में यमुना का पानी कितना दूषित हो रहा है। नदी में हाल में अमोनिया की मात्रा बढ़ने से पेयजल व छठ पूजा को लेकर राजनीति हुई थी। इसे लेकर दिल्ली सरकार और हरियाणा सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी शुरू हो गया था। दिल्ली सरकार यमुना में अमोनिया व गंदगी पर हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा कराने का प्रयास किया। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने यमुना में बढ़ रहे प्रदूषण व अन्य कारणों की जांच शुरू करा दी है। सरकार यह पता लगाने में जुट गई कि आखिर यमुना का पानी कहां से ज्यादा दूषित हो रही है। इसमें फरीदाबाद और सोनीपत से सैंपल लिए जा रहे हैं।
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सात दिन तक लेंगे सैंपल
एचएसपीसीबी (हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अधिकारियों के अनुसार फरीदाबाद स्थित वसंतपुर से गुजर रही यमुना से लगातार सात दिनों तक पानी का सैंपल लिया जाएगा। पानी को सेक्टर-16ए स्थित प्रयोगशाला में जांच होगी। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि इसमें अमोनिया कहां से बढ़ रही है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। सोनीपत से दिल्ली में प्रवेश करते हुए यमुना फरीदाबाद में वसंतपुर से प्रवेश करती है। इसके दोनों ओर बसे गांव के ज्यादातर किसान अपनी खेतों की सिंचाई यमुना के पानी से ही करते हैं। इसके अलावा पशु संबंधित कार्य भी इनके द्वारा यमुना के पानी से किया जाता है। ऐसे में यमुना में बढ़ रही अमोनिया इन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। इससे इनके फसल खराब होने की संभावना है।
स्वास्थ्य के लिए ऐसे है यह खतरनाक
स्वास्थ्य विभाग के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम भगत ने कहा कि अमोनिया युक्त पानी स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होता है। इस तरह के पानी को पीने से शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचता है। फेफड़े, गला, नाक आदि में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए ऐसे पानी से परहेज करें।
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मुख्यालय के निर्देश पर एक सप्ताह तक रोजाना वसंतपुर गांव से गुजर रही यमुुना पानी से सैंपल लिए जाएंगे। इससे यह पता लगाने में आसानी होगी कि आखिर यमुना में अमोनिया व प्रदूषण का स्तर कहां से बढ़ रहा है। - स्मिता कनोडिया, क्षेत्रीय अधिकार एचएसपीसीबी।
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