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Faridabad News: अल-फलाह यूनिवर्सिटी से कहां जा रहा था करोड़ों का काला धन

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साल 2019 में एमबीबीएस के पहले बैच के दौरान 80 लाख रुपये फीस थी, कई छात्रों की लगभग पूरी फीस कैश में ली गई
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अब ये फीस बढ़कर 1.20 करोड़ रुपये हो चुकी है और अब भी ये कैश में ही फीस ले रहे हैं
यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे फाइनल ईयर के दो छात्रों ने किया खुलासा
जम्मू कश्मीर बैंक का खाता ही प्रयोग करती है यूनिवर्सिटी
बैंक खातों की जांच में ईडी को मिलेंगे चौकाने वाले खुलासे

सोनू यादव
फरीदाबाद। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल को लेकर चर्चित धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से करोड़ों रुपये का काला धन हर साल इकट्ठा हो रहा था। ये काला धन आतंकी गतिविधियों में लगाया जा रहा था या फिर इसे अन्य कहीं प्रयोग किया जा रहा था, इसका खुलासा ईडी की जांच के बाद ही होगा। यूनिवर्सिटी में ये काला धन छात्राें की फीस के तौर पर अर्जित किया जा रहा था। एमबीबीएस की 200 सीटों में से काफी संख्या में छात्रों से अधिकतर रकम कैश के तौर पर ली जा रही थी। ईडी की टीम सोमवार से यूनिवर्सिटी परिसर पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर सकती है।

150 से हुई 200 सीट, 80 लाख से 1.20 करोड़ पहुंची फीस
साल 2019 में यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पहले बैच के छात्र पहुंचने लगे। यूनिवर्सिटी के अंतिम वर्ष के दो छात्रों से अमर उजाला की टीम ने बात की। उन्होंने कहा कि साल 2020 में उन्होंने यहां दाखिला लिया था। उस समय एमबीबीएस की 150 सीटें थीं और फीस 80 लाख रुपये थी। यहां आकर देखा कि फीस जमा करने के साथ ही हॉस्टल चार्ज समेत अन्य शुल्क यूनिवर्सिटी कैश में भी रिसीव कर रही थी। काफी संख्या में छात्रों से कैश में करोड़ों रुपये इकट्ठे किए जा रहे थे। छात्रों ने बताया कि एमबीबीएस की सीट अब 200 हो चुकी हैं और फीस अब बढ़कर 1.20 करोड़ रुपये हो चुकी है। इस तरह फीस व हॉस्टल चार्ज के तौर पर यूनिवर्सिटी से हर साल करोड़ों रुपये काला धन इकट्ठा हो रहा है।
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जम्मू कश्मीर बैंक के खातों का ही किया प्रयोग
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की ओर से फीस व अन्य शुल्क के लिए जम्मू कश्मीर बैंक में ही खाता खुलवाया गया है। इस बैंक खाते की डिटेल यूनिवर्सिटी परिसर में अकाउंट्स विंग और फीस काउंटर के बाहर भी चस्पा है। छात्रों के अनुसार जब भी फीस, हॉस्टल चार्ज या अन्य शुल्क की मांग ईमेल या मैसेज के जरिये यूनिवर्सिटी की ओर से की जाती है तो उसमें जम्मू कश्मीर बैंक के खाते की डिटेल भी दी जाती है। ईडी की जांच शुरू होने के बाद ही ये खुलासा होगा कि जम्मू कश्मीर बैंक में ही खाता फरीदाबाद स्थित यूनिवर्सिटी की ओर से आखिर क्यों खुलवाया गया था।
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