यूथ फेस्टिवल... दिव्यांगता एक बोझ नहीं का संदेश देते हुए छात्राओं ने जीता दिल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हम अधूरे हैं, हमारे ख्वाब नहीं, हम भी उड़ सकते हैं, हमारे पंखों में श्राप नहीं...के साथ छात्राओं की रिहर्सल जारी है। केएल मेहता दयानंद महिला महाविद्यालय में छात्राओं ने रिहर्सल के दौरान गीत और नृत्य के माध्यम से सभी को दिव्यांगता एक बोझ नहीं का संदेश दिया। इस दौरान रिहर्सल देखने वाले सभी अध्यापकों की आखें भर आईं।
तीन नवंबर से शुरू होने वाले यूथ फेस्टिवल को लेकर छात्रों में उत्साह देखने को मिल रहा है। फेस्टिवल में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थी तैयारियों में जुटे हुए हैं। फेस्टिवल में फरीदाबाद, पलवल और झज्जर के कुल 37 कॉलेज भाग ले रहे हैं। इस बार फेस्टिवल की मेजबानी पलवल के सरस्वती महिला कॉलेज की ओर से की जा रही है।
केएल मेहता दयानंद महिला महाविद्यालय, सेक्टर- 16 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय, खेड़ी गुजरान स्थित राजकीय महाविद्यालय, सहित अन्य महाविद्यालयों में छात्र रिहर्सल कर रहे हैं। कई महाविद्यालयों में नृत्य, थिएटर, डिबेट, पोस्टर, मेहंदी, भजन, गजल, संगीत, रंगोली, फोटोग्राफी और फाइन आर्ट को लेकर तैयारी की जा रही है।
''फेस्टिवल देता है प्रतिभा निखारने का अवसर''
यूथ फेस्टिवल हर साल आयोजित किए जाते हैं। मैं प्रतिवर्ष भाग लेती हूं। मुझे नृत्य में काफी रूचि है। मैं फेस्टिवल में ग्रुप डांस में भाग ले रही हूं। - सोनम, छात्रा
फेस्टिवल के माध्यम से हमें बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है। मैं फेस्टिवल को लेकर काफी उत्साहित हूं। - खुशबू, छात्रा
मुझे बचपन से ही फाइन आर्ट करने से खुशी मिलती है। मैंने स्कूल में कई बार प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। फेस्टिवल में मैं अपना बेस्ट दूंगी। - शिखा, छात्रा
मैं रंगोली बनाने का अभ्यास कर रही हूं। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं अपने और कॉलेज के लिए ट्रॉफी जरूर लाऊंगी। -मुस्कान, छात्रा
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जोनल यूथ फेस्टिवल की तैयारियां अंतिम चरण में
फरीदाबाद। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के जोनल यूथ फेस्टिवल की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। तीन से पांच नवंबर तक सरस्वती महिला कॉलेज, पलवल में आयोजित होने वाले इस फेस्टिवल में इस बार पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। सभी कॉलेज अपने नाम से नहीं, बल्कि कोड नंबर से प्रस्तुति देंगे। 30 अक्तूबर को फेस्टिवल से जुड़ी दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी प्रतिभागी कॉलेजों को ड्रॉ के माध्यम से कोड नंबर आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही, इवेंट्स में प्रस्तुति देने का क्रम भी ड्रॉ के जरिए ही तय किया जाएगा। संवाद