अमर उजाला की टीम ने सोमवार को पड़ताल में पाया कि शहर में जाम की एक बड़ी वजह चौराहों के आसपास के मार्ग का टूटा और बड़े-बड़े गड्ढें होना हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से रेलवे फ्लाई पार कर वाहन नीलम चौक पर नीचे उतरते है। जहां नीलम चौक पर वाहनों का सामना गड्ढों से होता है।
शहर के गोल चक्करों पर भारी जाम लगा रहता है। शहर के गोल चक्करों के आसपास का मार्ग टूटा है। चौक पर बरसात में बड़े-बड़े गड्ढें बन गए है। जहां पहुंचकर के वाहन रेंग-रेंगकर चलते है। वाहन चालक और सवार जाम की वजह से परेशान होते रहते है। बरसात के बाद से मार्ग की मरम्मत तक नहीं हुई है।
विज्ञापन
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को पड़ताल में पाया कि शहर में जाम की एक बड़ी वजह चौराहों के आसपास के मार्ग का टूटा और बड़े-बड़े गड्ढें होना हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से रेलवे फ्लाई पार कर वाहन नीलम चौक पर नीचे उतरते है। जहां नीलम चौक पर वाहनों का सामना गड्ढों से होता है।
विज्ञापन
चालक को मजबूरी में अपने वाहन की रफ्तार बहुत धीमी करनी पड़ जाती है। उसके पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। पूरा दिन नीलम चौक पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहते है। नीलम चौक से होकर रास्ता बीके अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बाटा जाता है। इस कारण नीलम चौक पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में आवागमन होता है।
इसी तरह एक रेलवे फ्लाईओवर राष्ट्रीय राजमार्ग को हार्डवेयर चौक से जोडता है। फ्लाईओवर पर भी मार्ग टूटा है। जहां हार्डवेयर चौक के आसपास की रोड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। इस मार्ग का प्रयोग एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने के लिए प्रमुख रूप से होता है। हार्डवेयर चौक से मार्ग सेक्टर 55, एनआईटी-एक और एनआईटी-दो आदि जाता है।
इसी तरह भगत सिंह चौक, बीके चौक, सैनिक कालोनी चौक, चिमनी बाई धर्मशाला चौक और सूरजकुंड रोड स्थित अनंगपुर चौक आदि के आसपास का मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। जहां सड़क टूटी होने के चलते जाम लगा रहता है। गोलचक्करों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते है।
नीलम चौक पर सड़क टूटी होने के कारण वाहन धीरे-धीरे चलते है। स्कूलों में छुट्टी के समय हल्का जाम लगता है। जिसको यातायात पुलिस नियंत्रित कर लेती है। सड़क बनते ही उस जाम से भी जनता को छूटकारा मिल जाएंगा। - ऊषा देवी, एसीपी ट्रैफिक