फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल सहित जिले के कुल 47 केंद्रों पर शनिवार को टीकाकरण की सुविधा तो दी गई, लेकिन टीके की कम डोज होने के कारण लोग परेशान रहे। बीके अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो अन्य केंद्रों पर 100 और 300 वैक्सीन डोज से ही काम चलाया गया। ऐसे में घंटों लाइन में खड़े रहे लोगों को ठगा सा महसूस हुआ। कई लोग ऐसे रहे जो लगातार टीकाकरण केंद्रों पर घंटों इंतजार के बाद वापस लौट रहे हैं, इनमें अधिकतर कामगार, दिहाड़ी मजदूर और निचले तबके के वह लोग शामिल हैं जो सरकार के फ्री वैक्सीनेशन के वादे पर टीकाकरण केंद्र तक पहुंच रहे हैं।
टीकाकरण से पूर्व कोरोना की जांच अनिवार्य है। बीके नागरिक अस्पताल, बल्लभगढ़ सरकारी अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में लोग टीकाकरण के लिए पहुंचते हैं। यहां टीकाकरण व टीकाकरण से पूर्व कोरोना जांच की दो इतनी लंबी लाइन लोगों को लगानी पड़ती है कि कई लोगों का उत्साह निराशा में बदल जाता है। ऐसे में लोग घंटों इंतजार के कारण होने वाली परेशानी से जूझने को मजबूर हैं।
47 केंद्रों पर हुआ टीकाकरण
जिले में शनिवार को 47 केंद्रों पर टीकाकरण की सुविधा दी गई, लेकिन इस दौरान महज सीमित संख्या में वैक्सीन ही टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई। जिन केंद्रों के बाहर लंबी लाइन में लगाकर लोग टीकाकरण का इंतजार करते रहे वहां महज सौ, 150, 300 व अधिकतम 500 वैक्सीन की डोज ही उपलब्ध कराई गई। वहीं, इंतजार में खड़े लोगों को यह तक नहीं बताया गया कि वैक्सीन कम है।
केंद्रीय राज्य मंत्री का दावा, टीकाकरण में नहीं कोई कमी
शनिवार को आयोजित टीकाकरण शिविर का उद्घाटन करने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर अलग-अलग केंद्रों पर पहुंचे। ऐसे में टीके की कमी व अव्यवस्था को लेकर सवाल पर उन्होंने मोदी सरकार की निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की दुहाई दी। कहीं अव्यवस्था है तो दूर करने का प्रयास करेंगे, ऐसा कहकर उन्होंने लोगों की समस्या से पल्ला झाड़ लिया।
वर्जन-
टीके की निर्माता कंपनी बड़ी तादाद में उत्पादन कर रही हैं। लोगों को सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैँ। फरीदाबाद-गुरुग्राम टीकाकरण में प्रदेश में अव्वल हैं। व्यवस्था में खामियां दूर की जाएंगी। कोई दिहाड़ी मजदूर या कामगार निशुल्क टीकाकरण के लिए न जूझे इसका प्रयास करेंगे। - कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री