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Faridabad News: छतों से वर्षा जल संचयन के लिए भूमिगत टैंक बनाए जाएंगे

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अटल भूजल योजना के तहत बल्लभगढ़ और फरीदाबाद ब्लॉक में किया जाएगा काम, 2.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी
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अमर उजाला ब्यूरोफरीदाबाद। केंद्र सरकार ने गिरते भूजल स्तर से निपटने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस पहल की है। अटल भूजल योजना के तहत फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ और फरीदाबाद ब्लॉकों में छतों से वर्षा जल संचयन के लिए भूमिगत टांका टैंक (भूमिगत टैंक) बनाए जाएंगे।




यह कार्य माइक्रो इरिगेशन एवं कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी हरियाणा (काडा) के माध्यम से किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 2.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसमें बल्लभगढ़ ब्लॉक के लिए करीब 1.40 और फरीदाबाद ब्लॉक के लिए करीब 1.37 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित कर भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता में सुधार हो और भविष्य के लिए जल संकट से निपटा जा सके। जल संरक्षण के इस प्रयास से न केवल किसानों और ग्रामीणों को लाभ होगा, बल्कि यह पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूत करेगा।
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रेगिस्तान जैसे इलाकों में भी कामयाब है टांका टैंक


प्रत्येक टांका टैंक 3000 लीटर क्षमता का होगा और दो टैंकों को जोड़कर एक स्थान पर कुल 6000 लीटर क्षमता बनाई जाएगी। ये टैंक भूमिगत होंगे और पॉलिमर से बनाए जाएंगे। इससे यह लंबे समय तक चलेंगे। इस टैंक में आईएसआई मानकों के अनुरूप फिटिंग, पाइप और फिल्टर जैसी सभी सुविधा भी होंगी। इससे बारिश का पानी सीधे स्वच्छ रूप में संरक्षित हो सकेगा। यह जल संचयन का पारंपरिक तरीका है जो रेगिस्तान के इलाकों में भी इस्तेमाल किया जाता है।


ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लॉकों के दर्जनों गांवों में स्थापित किए जाने वाले यह टैंक वर्षा जल को संचित कर वर्ष भर पानी की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करेंगे। इससे पीने और घरेलू उपयोग के लिए जल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पानी की कमी से कृषि और दैनिक जीवन प्रभावित होता रहा है। यह पहल ग्रामीण समुदायों को जल के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ने का भी कार्य करेगी।


मॉडल के कामयाब होन के बाद अन्य जिलों में भी हो सकता है लागू
अटल भूजल योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य समुदाय आधारित भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देना है। फरीदाबाद की यह ''टांका'' परियोजना इसी योजना का हिस्सा है, जो न केवल जल की उपलब्धता बढ़ाएगी, बल्कि जल संरक्षण की आदतों को भी लोगों के व्यवहार में शामिल करेगी। यह एक ऐसा मॉडल बन सकता है जिसे अन्य जिलों में भी अपनाया जा सके।


स्थानीय विकास और सामाजिक प्रभाव
इस परियोजना से न केवल पानी की समस्या का समाधान होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण, स्थापना और रखरखाव के कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को काम मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। साथ ही, जल की उपलब्धता बढ़ने से महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाला समय कम होगा, जिससे वे शिक्षा और अन्य गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
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जल संरक्षण के लिए मिसाल बन सकता है फरीदाबाद
माइक्रो इरिगेशन एवं कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी हरियाणा (काडा) के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाती है, जो जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधान की दिशा में काम कर रही है। फरीदाबाद में वर्षा जल संचयन की यह टांका क्रांति आने वाले वर्षों में जल संरक्षण के लिए एक मिसाल बन सकती है।
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