फरीदाबाद। कॉलेजों में स्नातक दाखिले की मुहिम शुरू हो चुकी है। उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) की ओर से दो बार पहली मेरिट बदली गई। सोमवार से आखिरकार बदली हुई मेरिट पर दाखिले शुरू हुए। वहीं, मंगलवार से फीस के विकल्प में आंशिक भुगतान का विकल्प खोल दिया गया है। विद्यार्थी एक मुश्त, दो किस्त व तीन किस्त में फीस जमा कर सकते हैं। हालांकि, सरकारी कॉलेज में दाखिले के इच्छुक को एक मुश्त में ही भुगतान करना होगा। इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों विकल्प खोल दिए गए हैं। कॉलेज अपने स्तर पर विद्यार्थियों से नकद फीस भुगतान करा सकेंगे।
सरकारी कॉलेजों में एक मुश्त ही होगा भुगतान
राजकीय कॉलेज तिगांव में लेक्चरार व दाखिला नोडल अधिकारी सीमा फौगाट ने बताया कि सरकारी कॉलेजों में स्नातक फीस अधिक नहीं है। निजी व सरकारी कॉलेज के फीस ढांचे में काफी अंतर है। ऐसे में डीएचई की ओर से सरकारी कॉलेजों में एक मुश्त फीस भुगतान ही है। वहीं निजी व सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में किस्त का विकल्प दिया है। विद्यार्थी इसका लाभ लें। फौगाट ने बताया कि सरकारी कॉलेजों में फीस भुगतान में अक्षम विद्यार्थी कॉलेज समिति के सामने अपनी बात रख सकते हैं। समिति अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर दो से तीन छात्रों को मोहलत दिला सकती है।
फीस भुगतान विकल्प (निजी व सहायता प्राप्त कॉलेज में)
एक मुश्त - दाखिले के समय फीस भुगतान
दो किस्त - 60 व 40 के अनुपात में।
नोट- पहली किस्त- दाखिले के समय। दूसरी - पहले सेमेस्टर की परीक्षा पूर्व
तीन किस्त- 30, 30 व 40 के अनुपात में।
नोट- पहली किस्त- दाखिले के समय। दूसरी व तीसरी-पहले-दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा पूर्व
निजी व सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में फीस भुगतान आंशिक रूप से हो सकेगा। यह विकल्प मंगलवार से शुरू कर दिया गया है। कई विद्यार्थी इसके लिए मोहलत मांग रहे थे। इसकी जानकारी डीएचई को दी गई। ऐसे में छात्र हित को देखते हुए अब आंशिक फीस भुगतान का विकल्प दिया गया है।
- वंदन मोहला, प्राचार्या, केएल महता कन्या कॉलेज