मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की संयुक्त छापेमारी में हुआ खुलासा, केमिकलयुक्त पानी सीधे सीवर में बहाया जा रहा था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने सोमवार को सेक्टर-57 स्थित औद्योगिक क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पर्यावरण मानकों की धज्जियां उड़ाकर चलाई जा रहीं दो इकाइयों का खुलासा किया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए गांव झाड़सेतली के ओम धर्म कांटा के पास औचक निरीक्षण किया।
संयुक्त छापेमारी में दोनों फैक्ट्रियों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। उड़नदस्ते ने दोनों इकाइयों को सील करने की अनुशंसा की है। पहली कार्रवाई में सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना मिली थी कि झाड़सेतली गांव के ओम धर्म कांटा के पास (सेक्टर-57) निलेश द्वारा नेहा एंटरप्राइजेज नाम से एक यूनिट चलाई जा रही है। यहां इलेक्ट्रिक मोटरों के उपकरणों पर पाउडर कोटिंग का काम हो रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ उज्ज्वल और बिजली विभाग के जेई श्याम सुंदर के साथ जब टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो पाया गया कि कोटिंग को पक्का करने के लिए लगाए गए बॉयलर के पास विभाग की कोई वैध अनुमति नहीं थी। यही नहीं, बॉयलर से निकलने वाले जहरीले धुएं के निकास के लिए चिमनी तक नहीं लगाई गई थी।
दूसरी कार्रवाई में उसी क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने माई कोटिंग नाम की दूसरी इकाई पर दबिश दी। इस यूनिट में इलेक्ट्रिक मोटरों के पार्ट्स पर पाउडर कोटिंग और पेंट का काम किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि केमिकल व पेंट को सुखाने के लिए इस्तेमाल हो रहे बॉयलर की विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अतिरिक्त, फैक्टरी से निकलने वाले दूषित और केमिकलयुक्त पानी को साफ करने के लिए आवश्यक ईटीपी (अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र प्लांट) नहीं लगाया गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ उज्ज्वल ने स्पष्ट किया कि दोनों इकाइयां बिना किसी वैध एनओसी और पर्यावरणीय अनुमति के अवैध रूप से संचालित हो रही थीं। इस संबंध में नियमानुसार दोनों फैक्ट्रियों को बंद करने की क्लोजर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।