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दो सगे भाईयों ने नवोन्मेषक विचार बता जीते लैपटॉप

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विद्यार्थी को बधाई देते प्रधानाचार्य सतेंद्र सौरोत। - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देशभर के छात्रों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए सुझाव मांगे थे। जिले के नंगला एन्कलेव निवासी दो सगे भाईयों ने अलग-अलग समस्याओं पर अपने नवोन्मेषक विचार (इनोवेटिव आइडिया) भेजे। इसमें दोनों का चयन टॉप 100 छात्रों में हुआ। प्रदेश से ऐसे पांच विद्यार्थी का चयन हुआ, इनमें से दो फरीदाबाद के छात्र हैं।
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मंत्रालय द्वारा रिस्पांसिबल एआई फॉर यूथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लगभग 50 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कुल 100 बच्चों के विचारों को इसमें चयनित किया गया। इसमें सेक्टर-55 स्थित राजकीय विद्यालय के दो मेधावी छात्र कक्षा नौवीं के आदित्य और ग्यारहवीं कक्षा के छात्र गौरव चौहान ने नवोन्मेषक विचार साझा कर विजेता के रूप में लैपटॉप जीते हैं। नंगला एन्कलेव पार्ट-2 निवासी दोनों मेधावी सगे भाई हैं। मूलरूप से यूपी के अलीगढ़ के रहने वाले दोनों भाई पढ़ाई के लिए अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। उनके पिता पवन कुमार और मां ऊषा देवी गांव में ही खेती करते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेंद्र और दोनों छात्रों के मेंटर रहे गणित प्राध्यापक दीपक वशिष्ठ ने बच्चों का स्वागत किया।
दैनिक समस्याओं को कम करने के मांगे गए थे सुझाव
खास बात है कि यह विचार सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों से मांगे गए थे। उन्होंने दैनिक समस्याओं को कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल का सुझाव देना था। छात्र आदित्य ने सुझाव दिया कि उनके पिता किसान हैं और उन्हें लगातार कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पिता जानकारी के अभाव में फसलों के लिए जरूरी कीटनाशक गुण के आधार पर तय नहीं कर पाते हैं। इसलिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से हम खेती के लिए कौन सा उत्पाद सही है, इसका पता किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती करने में मदद मिलेगी। दूसरे भाई, गौरव चौहान ने एलपीजी सिलिंडर के लीक होने पर आगजनी के हादसों पर चिंता जताई। गौरव ने सुझाव दिया कि एआई का प्रयोग कर सिलेंडर के साथ आटोमेटिक डिटेक्शन लगाकर इस सिस्टम की मदद से लीकेज का पता लगाया जा सकता है।
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