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Faridabad News: शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

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आरोपियों ने ग्रेटर फरीदाबाद के एक व्यक्ति से मार्च में की थी 1.10 करोड़ रुपये की ठगी, पूर्व में चार आरोपी हो चुके गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर थाना सेंट्रल पुलिस टीम ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर ठगी करने के मामले का भंडाफोड़ किया है। मामले में छह आरोपियों को गुजरात, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से ठगी में इस्तेमाल सात मोबाइल और 4394 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला सभी सिम कार्ड फर्जी तरीके से लिए गए थे। पुलिस सिम कार्ड संबंधी जानकारी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मदद मांगी गई है।
आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय आकाश, 26 वर्षीय विशाल, 19 वर्षीय अंशुल, 20 वर्षीय प्रशांत, 24 वर्षीय थोगाटी बद्रीनाथ और 25 वर्षीय शिवा प्रसाद के रूप में हुई है। आरोपी आकाश और विशाल गुजरात के सूरत के निवासी हैं। आरोपी अंशुल नंदा और प्रशांत बब्लू मध्यप्रदेश के मंडला के है। आरोपी थोगाटी और शिवा प्रसाद आंध्र प्रदेश के गुंटूर के रहने वाले हैं। जिन्हें साइबर थाना सेंट्रल की टीम में शामिल एसआई पवन तोमर, हवलदार राममेहर, संदीप, सिपाही राकेश कुमार तथा ड्राइवर एएसआई कृष्ण ने मुखबिर और तकनीकी के आधार पर अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी अलग-अलग शहरों में रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क में थे।
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मुखबिर और तकनीक के सहारे दबोचे आरोपी

पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध जसलीन कौर के दिशा निर्देश और एसीपी साइबर अभिमन्यु गोयत के अनुसार पुलिस की टीम आरोपियों के पीछे करीब दो माह से लगी थी। इस दौरान पुलिस टीम मुखबिर और तकनीक का भी सहारा लिया। इनके माध्यम से टीम आरोपियों के पल-पल के लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पुलिस की टीम ने 19 अप्रैल से 23 मई के बीच सभी आरोपियों को अलग-अलग शहरों से दबोच लिया।

इस तरह पकड़े गए आरोपी
पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध जसलीन कौर ने बताया कि 19 अप्रैल को सबसे पहले आरोपी आकाश को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सूरत से ही विशाल को काबू किया गया। फिर मध्य प्रदेश के गांव नैनपुर मंडला से अंशुल नंदा व प्रशांत को दबोचा गया। सभी से पूछताछ में पुलिस को आंध्र प्रदेश में भी इनके साथी की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने थोगटी बद्रीनाथ को बंगलुरू से और आरोपी शिवा प्रसाद को गुंटूर आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया। थोगटी बद्रीनाथ और शिवा प्रसाद को आठ दिन की रिमांड पर पुलिस ने पूछताछ की और बुधवार को दोनों को जेल भेज दिया गया।

करोड़ों की ठगी के बाद सक्रिय हुई साइबर टीम
आरोपियों ने सेक्टर-81 निवासी अमित से करीब 1.10 करोड़ रुपये की ठगी की थी। आरोपियों ने उसे को शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर पहले सोशल मीडिया पर एक लिंक भेजकर एक ग्रुप से जोड़ा था। इसमें पहले से काफी लोग जुड़े थे। सभी अपने-अपने मुनाफे की जानकारी दे रहे थे। पीड़ित उनके झांसे में आकर पैसों को गंवा दिया था। साइबर थाना सेंट्रल की पुलिस मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की थी।
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ऐसे खरीदे थे फर्जी सिम कार्ड
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सिम कार्ड लेने के लिए मोबाइल की दुकान चलाने वाले व्यक्तियों से सांठगांठ करते थे। जांच में सामने आया है कि दुकानदार एक व्यक्ति की पहचान पत्र पर संबंधित टेलीकॉम कंपनी से दो सिम कार्ड निकाल लेते थे। एक सिम कार्ड पहचान पत्र देने वाले संबंधित आवेदक को देते थे। वहीं दूसरा सिम कार्ड वह साइबर ठगों को देते थे। सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिवा प्रसाद की होती थी।
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20 हजार लोगों को बनाया ठगी का शिकार
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एक सिम कार्ड से तीन से चार लोगों से ठगी करते थे। इस प्रकार आरोपी बरामद सिम कार्ड से 20 हजार से अधिक लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुके हैं। लिहाजा आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड से कितनों को ठगा है, इसके लिए संबंधित टेलीकॉम कंपनी से भी कॉलिंग डिटेल ली जाएगी।
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