मरीज को पहले संबंधित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में उपचार कराना होगा
हेमलता
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार कराने पहुंचने वाले मरीजों के लिए अब पहले डिस्पेंसरी से रेफर पर्ची लाना अनिवार्य है। रेफर पर्ची के बिना आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज में उपचार नहीं मिलेगा। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस बदलाव से व्यवस्था बनाने में मदद मिली है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को पहले अपनी संबंधित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में जांच उपचार लेना होगा। उसके बावजूद अगर मरीज ठीक नहीं होता है, तो वह डिस्पेंसरी से रेफर की पर्ची लेकर मेडिकल कॉलेज में उपचार ले सकता है। यह निर्णय मेडिकल कॉलेज में दिन प्रतिदिन बढ़ती मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
ईएसआईसी अस्पताल में रोजाना दो हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या में मरीज सीधे मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच जाते हैं। ऐसे में अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने के साथ व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। इसे देखते हुए रेफरल व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जा रहा।
नियम के अनुसार सामान्य बीमारी या प्राथमिक उपचार के लिए मरीज को पहले अपनी संबंधित डिस्पेंसरी में जाना होगा। वहां चिकित्सक मरीज की जांच करने के बाद उपचार व दवा देगा। अगर मरीज दो से तीन दिन के अंदर ठीक नहीं होता है तो उसको आवश्यकता होने पर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाएगा। इसके बाद मरीज रेफर पर्ची के साथ मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार करा सकेगा।
अस्पताल के डीन डॉ. कालिदास चव्हाण दत्तात्रेय का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से कई बार दवा और कार्ड बनवाने में परेशानी होती थी, लेकिन अब रेफर पर्ची की वजह से मरीजों की संख्या में कुछ कमी देखने को मिली है।