टिकट के मनमाने किराये को देखते हुए लोग अपना बजट बनाने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद।
दिवाली को अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन घर जाने के लिए टिकट बुक कराने वालों को निजी बसों के महंगे किराये का सामना करना पड़ रहा है। नौकरी और पढ़ाई के सिलसिले में फरीदाबाद में रहने वाले लोग त्योहार पर अपने परिवार के पास जाने की तैयारी में जुटे हैं। इस बीच लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों के लिए सामान्य दिनों में 700 से 900 रुपये में मिलने वाला स्लीपर बस का टिकट अब 3600 से 4000 रुपये तक पहुंच चुका है। टिकटों की कीमत में इस अंतर से घर जाने का बजट बिगड़ रहा है।
निजी बसों के टिकटों की कीमत में अंतर त्योहार पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने खर्च की बड़ी चुनौती बन रहा है। सामान्य दिनों में कम कीमत पर मिलने वाले टिकट के लिए अब कई गुना अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। दिवाली पर घर पहुंचने के लिए यात्रा की तारीख तय करने वाले लोग टिकट के किराये को देखते हुए अपना बजट बनाने में जुटे हैं।
चार लोगों के आने-जाने का खर्च 28 हजार से अधिक
महंगे टिकट का सबसे ज्यादा असर परिवार के साथ यात्रा करने वालों पर पड़ रहा है। यदि चार लोगों को एक तरफ के सफर के लिए प्रति व्यक्ति 3600 रुपये देने पड़ते हैं, तो केवल जाने का खर्च 14400 रुपये बैठता है। वापसी का किराया भी इतना ही रहने पर चार सदस्यों के आने-जाने का कुल खर्च 28800 रुपये हो जाता है।
छुट्टी सीमित है, इसलिए पहले से यात्रा की योजना बना रहा हूं। टिकट की कीमत बार-बार बदलने से बुकिंग का फैसला लेना मुश्किल हो रहा है।
- गणेश
त्योहार पर दोस्तों के साथ घर जाने की योजना थी, लेकिन अब पहले अलग-अलग बसों में किराये की जानकारी लेनी पड़ रही है।
- मनीष
बच्चों के साथ सफर करना है, इसलिए सीट और समय दोनों देखना पड़ता है। कम कीमत वाली बस में सभी के लिए सीट मिलना भी जरूरी है।
- कलावती
घर पहुंचने की खुशी तो है, लेकिन बसों के आसमान छूते किराये ने त्योहार का मजा आधा कर दिया है। बजट बिगड़ रहा है।
- प्रतीक