देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंच रहे हैं लोग, महिलाओं में आभूषणों की खरीदारी के लिए उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले के तीसरे दिन लोगों की भीड़ कम देखने को मिली, इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक मेले का आनंद लेने पहुंचे। गोरखपुर से आए एक परिवार ने बताया कि उन्हें मेले का माहौल और यहां प्रदर्शित हस्तशिल्प उत्पाद काफी पसंद आए। उन्होंने कहा कि यहां आकर अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और कला को देखने का अवसर मिला।
मेले में देश-विदेश से आए कारीगर अपने पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। हथकरघा उत्पादों की मजबूती और बारीक कारीगरी लोगों को आकर्षित कर रही है। इस बार थीम राज्य उत्तर प्रदेश और मेघालय की ओर से लगाए गए स्टॉल पर लोगों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। खासकर महिलाओं में आभूषणों की खरीदारी को लेकर उत्साह देखा गया। इसके साथ ही कंट्री पार्टनर मिस्र ने विशेष स्टॉल लगाई हैं । जहां, लोगों को कई चीजें देखने को मिल रही हैं। पर्यटक मेले को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। इसके अलावा मेले में ढोल नगाड़ों की टीम ने पर्यटकों को नगाड़े की थाप पर खूब नचाया। इसके साथ वर्षों से मेले में पहुंच रही बीन पार्टी ने अपनी बीन की धुन से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर लोगों ने खूब आनंद लिया। मेले में कई कलाकार बहरूपिया बनकर दर्शकों का मनोरंजन करते दिखाई दिए। मेले में उत्तर प्रदेश पवेलियन के माध्यम से राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति और पारंपरिक रहन-सहन की शैलियों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। इस शिल्प महाकुंभ में देश-विदेश की शिल्पकला के संगम के बीच बनारस की साड़ियों का जलवा सिर चढ़कर बोल रहा है।
उतर प्रदेश के पवेलियन में स्थित स्टॉल नंबर 110 पर बनारस के शिल्पकार मोहम्मद आसिफ की ओर से बनारसी साड़ियों का स्टॉल लगाया गया है। जो पर्यटकों को विशेषकर महिलाओं को अपनी ओर खींच रहा है। शिल्पकारों की अद्भुत कलाकारी का आलम यह है कि विदेशी मेहमान भी इन साड़ियों के मुरीद बन रहे हैं। स्टॉल्स पर सुबह से ही महिलाओं की भीड़ लग रही है और वे जमकर खरीदारी कर रही हैं।
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मेले में पहुंचकर काफी अच्छा लग रहा है। मेला बहुत सुंदर लग रहा है। यहां आकर ऐसी चीजें देखने को मिल रही हैं, जो कभी नहीं देखी।
विशाल, जींद
मेले में सामान बेहर सुंदर हैं । अन्य देशों से सामान आने के चलते थोड़ा मंहगा है। यहां आकर देश- विदेश की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिल रहा है। -
कमलावती देवी, फरीदाबाद
मुझे बचपन से ही मेला घूमना बेहद पसंद है। सूरजकुंड मेला पूरे विश्व में फरीदाबाद में लगता है। इसलिए मैं इतनी दूर से मेला देखने पहुंचा हूं। -
सुनील यादव, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
यहां अपणा घर और बाकी गेट बहुत अच्छे लग रहे हैं। मुख्य चौपाल के पास बना इजिप्ट का पिरामिड हमें काफी आकर्षित कर रहा है। मुझे मेले का काफी दिनों से इंतजार था। -
रेनू, नोएडा