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संशोधित: जिले के तीन डेंगू के मरीज स्वस्थ घोषित, पर विभाग ने बढ़ाई जांच

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- छह महीने में 73,638 लोगों की बनी स्लाइड, डेंगू-मलेरिया को लेकर हो रही जांच
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-लार्वा मिलने पर 200 लोगों को नोटिस, घर-घर जाकर हो रही जांच



संवाद न्यूज एजेंसी



फरीदाबाद। जिले के तीन डेंगू के मरीज इलाज के बाद स्वस्थ घोषित हो गए हैं। सूरजकुंड, पल्ला और सेहतपुर के मरीजों का दिल्ली में इलाज हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से तेज बुखार और डेंगू-मलेरिया से मिलते-जुलते लक्षणों वाले मरीजों की स्लाइड बनाई जा रही हैं। शहर के करीब 73,638 लोगों की स्लाइडें बन चुकी हैं। वहीं डेंगू की पहचान के लिए 191 मरीजों की एनएस-1 जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लार्वा की जांच कर रहा है। मच्छरों का लार्वा मिलने पर 200 से ज्यादा लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।


मौसम विभाग ने शहर में शनिवार से बारिश की संभावना जताई है। बारिश के दिनों में मच्छर ज्यादा पनपते हैं। ऐसे में डेंगू मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती है। संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा जून के अंत से लेकर नवंबर तक रहता है। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 40 टीमें घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। घर में मच्छरों का लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दिया जाता है। पिछले तीन महीने में करीब 200 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। यह टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को बीमारी से बचाव और मच्छर पनपने से रोकने के तरीकों के विषय में जागरूक भी कर रही हैं। पिछले दिनों जिले में डेंगू के तीन मरीज थे, इलाज के बाद उन्हें स्वस्थ घोषित कर दिया गया है। पंचकूला से स्वास्थ्य विभाग के पास तीनों रोगियों की जानकारी भेजी गई है।
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मरीजों को दिखाई देते हैं ये लक्षण



नागरिक अस्पताल के सामान्य रोग चिकित्सक डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू के आम लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में गंभीर दर्द, सिर दर्द, छाती, पीठ या पेट पर लाल चकत्ते होना, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी, दस्त की समस्या शामिल है। यह एक वायरल संक्रामक रोग है। यह एडीज मच्छर के काटने से होता है। वहीं बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द, बदन दर्द, उल्टी आना और कंपकंपी मलेरिया रोग के लक्षण हैं। इसके जांच और उपचार की सुविधा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है।
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अधिकारी से बातचीत



डेंगू मलेरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों की जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त लार्वा रोधी अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को भी सहयोग करने की आवश्यकता है।

-डॉ. राम भगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।
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