फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। ज्वेलरी शोरूम में चालीस लाख रुपये के आभूषण चोरी करने वाला राशिद अपनी खुद की ज्वेलरी की दुकान खोलना चाहता था। अभी तक उसने जितनी भी वारदात की सभी का भंडाफोड़ हो गया। राशिद ने बताया कि चोरी करने का आइडिया उसे अखबार में चोरी और लूट की खबरें पढ़कर आया।
राशिद ने बताया कि वह दसवीं पास है। पढ़ाई में उसका मन नहीं लगा तो पढ़ाई छोड़ कंप्यूटर रिपेयरिंग सीखकर बुलंदशहर में दुकान खोल ली। दुकान में आमदनी कम थी। ऐसे में जब भी खाली समय मिलता तो वह अखबार पढ़ने में जुट जाता। अखबार में बड़ी चोरी और लूट की खबरें पढ़कर उसके मन में लालच जागा और उसने भी चोरी करने की योजना बनाई। राशिद का प्लान था कि एक बड़ी चोरी को अंजाम देकर वह खुद की सुनार की दुकान खोल ले। इसलिए उसने सभी वारदात ज्वेलरी शॉप और शोरूम में ही की।
उसके मुताबिक सराय स्थित अग्रवाल ज्वैलर्स में 40 लाख की चोरी से पहले वह पानीपत व रोहतक में डेढ़ एवं तीन किलो आभूषण चोरी कर चुका है। हालांकि हर बार वह पकड़ा गया। राशिद अकेला ही चोरी की वारदात को अंजाम देता है। उसके पिता ने दो बार उसकी जमानत कराई। बार बार की हरकतों से तंग आकर उसके पिता ने उसे घर से बेदखल कर दिया। जेल जाने के बाद उसकी पत्नी भी अपने मायके चली गई थी। फिलहाल वह अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ नोएडा के एक फ्लैट में रह रहा था। इससे पहले की वह सराय से चोरी किये आभूषणों को ठिकाने लगाता पुलिस ने उसे धर दबोचा।