पहले ही जारी किए गए थे नोटिस, प्रभावित परिवारों और विपक्ष ने उठाए पुनर्वास के सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ध्वस्तीकरण अभियान के बाद प्रभावित परिवारों और विपक्षी नेताओं की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि जिन निर्माणों पर कार्रवाई की गई, उन्हें पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे और लोगों को निर्माण खाली करने का समय दिया गया था।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक ने आरोप लगाया कि एक परिवार में अगले महीने लड़की की शादी निर्धारित थी। उनके अनुसार शादी के लिए रखा गया सामान भी मकान टूटने के बाद मलबे में दब गया। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत और सहायता की मांग की है।
कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों और मकानों से सामान निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिला। वहीं स्थानीय निवासी राजू कुरैशी ने दावा किया कि देर रात एक मौलवी और उनके पुत्र को सीआईए अपने साथ ले गई। एक दम से रात में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात देखकर लोगों में डर फैल गया। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई है।