- डॉक्टरों ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी से जूझ रहे शहरवासियों को शुक्रवार रात हुई झमाझम बारिश से राहत मिली। वहीं, बदलते से मौसम की वजह से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़कों पर जलभराव हो गया। सेक्टर-22, 23 चौक, हाईवे स्थित अजरौंदा चौक, बाटा चौक, बल्लभगढ़ बस स्टैंड चौक और सेक्टर-15 क्रउन प्लाजा के पीछे सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया। सुबह तक सड़कों से पानी नहीं निकलने के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना की पहले 700 की जांच होती थी। वह बढ़कर अब करीब 900 तक पहुंच गई है। हालत ये हैं कि सुबह इलाज के लिए डॉक्टरों की ओपीडी में पहुंचे मरीजों का दोपहर बाद भी नंबर नहीं आया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। इसी तरह निजी अस्पताल की ओपीडी में भी बढ़ाेतरी हुई है। इनमें अधिकांश मरीज जुकाम, खांसी और अस्थमा की शिकायत के शामिल हैं। साथ ही बच्चे और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण मलिक का कहना है कि मौसम बदलाव होने से इम्युनिटी काफी तेजी से कम होती है। सुबह-शाम के मौसम में नमी होने के कारण मौसम में मौजूद संक्रमण शरीर पर अटैक कर देते हैं।
आई फ्लू के बढ़ रहे मरीज
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी कुमार बख्शी ने बताया कि बीते सालों से ज्यादा पानी बरस गया। इससे वायरस तेजी से फैल रहा है। रोजाना ओपीडी में 40 से 50 मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। एडिनोवायरस के कारण आंखें लाल हो जाती हैं। साथ ही आंखें सूजी और चढ़ी हुई, आंखों से पानी या चिपचिपा पदार्थ निकलने, आंखों में जलन या खुजली महसूस होने, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, सुबह पलकों पर पपड़ी जमने सहित कई परेशानियां देखने को मिलती हैं।