नीमका जेल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराई गई पहचान परेड
दोनों आरोपियों समेत इनसे मिलते-जुलते 10 कैदियों को किया गया था खड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लिफ्ट के बहाने ईको वैन में बैठाकर सामूहिक दुष्कर्म के दोनों आरोपियों को पीड़िता ने पहचान लिया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस की टीम सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को लेकर नीमका जेल पहुंची। यहां पर दोनों आरोपियों से मिलते-जुलते कद-काठी के लगभग 10 कैदियों को खड़ा किया गया था। पीड़िता ने दोनों आरोपियों को इनमें से पहचान लिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इस कार्रवाई को भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत के तौर पर चालान में शामिल करेगी।
सामूहिक दुष्कर्म की ये वारदात 29 दिसंबर की देर रात को हुई। महिला अपनी मां से गुस्सा होकर अपनी सहेली से मिलकर लौट रही थी। सड़क किनारे खड़ी होकर वो सवारी वाहन का इंतजार कर रही थी। तभी ईको वैन सवार दो युवकों ने लिफ्ट के बहाने उसे गाड़ी में बैठाकर और बातचीत कर उसका दुख-दर्द जाना। महिला ने बताया कि वो पति से अलग बच्चों के साथ रहती है। इस पर आरोपियों ने उसे 600 रुपये यूपीआई से ट्रांसफर भी किए और फिर जबरन वैन को लॉक कर पीड़िता का मोबाइल छीन उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में उसे चलती कार से फेंककर आरोपी भाग गए। चलती वैन से फेंकने के चलते पीड़िता को काफी चोट लगी और चेहरे पर 10 से अधिक टांके आए। कोतवाली थाना में 30 दिसंबर को एफआईआर दर्ज कर उसी रात दोनों आरोपियों को काबू कर ईको वैन बरामद कर ली गई। ये वैन एंबुलेंस के तौर पर प्रयोग की जा रही थी और निजी अस्पताल में चल रही थी।