बेलगाम ट्रैक्टर बन सकते हैं सड़क हादसों का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। तिगांव क्षेत्र में खनन विभाग की अनुमति के बिना मिट्टी खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई जमीन पर नजर नहीं आ रही। हालात यह हैं कि दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिये मिट्टी का उठान किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव अल्लीपुर के जंगल क्षेत्र और चिरसी गांव की सीमा के किनारे बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन हो रहा है। यहां से निकली मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अल्लीपुर से होते हुए भैंसरावली गांव के रास्ते अपने ठिकानों तक पहुंचाया जाता है। ये वाहन गांवों और मुख्य सड़कों से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मिट्टी से भरे ट्रैक्टर सड़क पर तेज गति से दौड़ते हैं और जैसे ही इन्हें प्रशासन या पुलिस की गाड़ी दिखाई देती है, चालक और अधिक लापरवाही से वाहन भगाने लगते हैं। ऐसे में सामने से आने वाले राहगीरों, बाइक सवारों और ग्रामीणों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार लोग बाल-बाल बच चुके हैं।
अवैध खनन से जहां खेतों और जंगल की जमीन को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से गांवों की सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद खनन माफिया पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
वर्जन
बिना परमिशन किया गया खनन पूरी तरह अवैध है। इस क्षेत्र में संभावित केवल ईंट भट्टों के लिए मिट्टी खनन की अनुमति दी जाती है। मामला आपके माध्यम से संज्ञान में आया है, कानून अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - चंद्रभूषण तिवारी, खनन अधिकारी