- सात से आठ घंटे तक लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। शहर में मानसून की पहली बारिश ने शुक्रवार तड़के ही बिजली निगम के दावों की पोल खोल दी। बल्लभगढ़, एनआईटी सहित शहर के अन्य इलाकों में 7 से 8 घंटे की बिजली कटौती हुई। बरसात शुरू होते ही बिजली विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई, ताकि कोई बड़ा फॉल्ट ना हो जाए। बिजली कट के कारण लगभग साढ़े पांच लाख उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा।
रखरखाव के नाम पर बिजली विभाग की ओर से करीब एक महीने तक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिदिन चार से पांच घंटे बिजली कट लगाया जाता था। कभी पुराने तारों को बदलने के लिए कट को लगाया गया तो कहीं लोड बढ़ाने के लिए। यह सब इसलिए किया गया, जिससे बारिश में निर्बाध रूप से विद्युत व्यवस्था बनी रहे। शुक्रवार तड़के हल्की आंधी के बाद हुई बरसात ने बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य की पोल खोलकर रख दी है। गर्मी के चलते ओवरलोड के कारण बिजली कट लगाया जा रहा था। वहीं शुक्रवार देर शाम तक जिले में विभिन्न जगहों पर बरसात की वजह से फॉल्ट हो गए। जिसकी वजह से जिले के लोगों को घंटों बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा।
फाॅल्ट ढूंढने में लगा समय
बारिश ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं शहर में बारिश के साथ ही बिजली गुल की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। बारिश शुरू होने के साथ ही भोर में कई जगहों पर बिजली काट दी गई। जैसे-जैसे बरसात बढ़ती गई वैसे-वैसे बिजली विभाग की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कट लगते रहे। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को शुक्रवार की सुबह से लेकर देर शाम तक बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा।
इन इलाके के लोगों को हुई परेशानी
बारिश शुरू होने के साथ ही भारत कॉलोनी, एनआईटी एक, दो, तीन, चार, पांच, सेक्टर 15, 21, गांव सुनपेड, गांव सागरपुर, चावला कॉलोनी, सेक्टर 4, सेक्टर 21,सेक्टर 37 सहित ग्रेटर फरीदाबाद स्थित सोसाइटी और गांव के लोगों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं बल्लभगढ़ के कुम्हार वाड़ा, बनिया वाड़ा, चावला कॉलोनी, आदर्श नगर, गांव साहुपुरा, मलेरना, सुनपेड़, सागरपुर, डीग, प्रहलादपुर माजरा डीग में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बिजली कटौती की वजह से जिले के करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। कुछ देर लोगों ने सप्लाई बहाल होने का इंतजार किया। इसके बाद भी जब बिजली नहीं आई, तो लोगों ने शिकायत केंद्रों पर फोन करना शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता, जेई, एसडीओ, लाइनमैन को भी कई बार कॉल किया, लेकिन अधिकारियों ने कॉल नहीं उठाया। घंटों बिजली कटौती होने के कारण घरों में लगे इन्वर्टर ने कुछ देर बाद जवाब दे दिए। इससे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ का कहना है कि बारिश के चलते बिजली बंद की गई थी, लेकिन बारिश रुकने के बाद शुरू कर दी गई। वहीं जिन जगहों पर फॉल्ट हुए थे, उनको ठीक करने में समय लगा। ठीक होते ही बिजली चालू कर दी गई।