अगले वर्ष मार्च के बाद सेंटर का निर्माण कार्य हो सकता है शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी का पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीरंदाजी एक्सीलेंस सेंटर अगले वर्ष यानी 2025 में बनना शुरू हो जाएगा। इस पर केंद्र सरकार की ओर से दो करोड़ और राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खेल विभाग की ओर से व्यावहारिकता ( फिजिबिलिटि ) रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई है। इसके बाद निर्माण यहां कार्य जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने अक्तूबर 2023 में सेक्टर-12 खेल परिसर में आधुनिक उपकरणों से लैस एक्सीलेंस सेंटर तैयार करने की घोषणा की थी। इस पर तकरीबन 3 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है। सेंटर को केंद्र और राज्य सरकार के आर्थिक सहयोग से तैयार किया जाएगा। खेल विभाग के एक वरिष्ठ कोच का कहना है कि पिछले वर्ष दिसंबर में व्यावहारिकता रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई थी। इस दौरान सेक्टर 12 में जमीन का ब्योरा मांगा गया था।
इसमें बताया गया था कि तीरंदाजी एक्सीलेंस सेंटर तैयार करने के लिए 90 मीटर चौड़ी व 110 मीटर लंबी जगह की जरूरत होती है। उसके हिसाब से खेल परिसर में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र के लिए उपयुक्त जगह है। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले भी हो सकते हैं। यह जिले का पहला एक्सीलेंस सेंटर होगा।
मैदान का होगा विस्तार
तीरंदाजी एक्सीलेंस सेंटर बनने के बाद यहां दिल्ली-एनसीआर के खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। इसके लिए मैदान का भी विस्तार करने की योजना है। तीरंदाजी मैदान के पास अभी बास्केटबॉल कोर्ट बना हुआ है। एक्सीलेंस सेंटर शुरू होने के बाद यहां तीरंदाजी के रिकर्व और कंपाउंड राउंड के लिए मैदान को बढ़ाया जा सकता है। तीरंदाजी मैदान पर आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित किया जाएगा। सेंटर में उच्च तकनीक के कंप्यूटर लगाए जाएंगे, जो खिलाड़ियों के प्रत्येक एक्शन पर नजर रखेगा। खिलाड़ियों की कमजोरी को पकड़ कर उसे दुरुस्त किया जाएगा।
वर्जन
एक्सीलेंस सेंटर को करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार करना है। इसकी व्यावहारिकता रिपोर्ट तैयार कर केंद्र व राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष तीरंदाजी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
-दीपक अहलावत, तीरंदाजी कोच