कमरे होते जा रहे हैं जर्जर, खिड़कियां और दरवाजे हो चुके हैं चोरी, मजदूरों ने किया कब्जा
हेमलता रावत
फरीदाबाद। पृथला विधानसभा क्षेत्र के गांव सुनपेड़ में करीब 10 साल पहले शिक्षा विभाग की ओर से 16 लाख रुपये की लागत से स्कूल बनाया गया था। स्कूल में चार कमरे बनाए गए थे लेकिन यहां आज तक एक की कक्षा नहीं लगी है। यूं भी कहा जा सकता है कि शिक्षा विभाग स्कूल को बनाकर भूल गया है। अब कमरे भी जर्जर होते जा रहे हैं और उनमें लगी खिड़कियां और दरवाजे चोरी हो चुके हैं। कमरों पर मजदूरों ने कब्जा किया हुआ है।
गांव सुनपेड़ में करीब 7000 से अधिक परिवार रहते हैं। इस गांव में एक सरकारी स्कूल बना हुआ है। जो की आठवीं कक्षा तक है। जिसमें करीब 200 बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते हैं। पुराने स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी थी। जिसके चलते करीब 10 साल पहले शिक्षा विभाग की ओर से गांव सुनपेड़ से गांव डींग की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चार कमरों का नया स्कूल बनाया गया था, जो कि करीब 16 लाख रुपये की लागत से बनाया गया था। उस स्कूल को बनाने के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह से भूल गया है।
कई बार लिखा जा चुका है पत्र
गांव के लोगों ने बताया कि इन कमरों को बने हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। पानी और बिजली की सुविधा नहीं होने की वजह से इस नई बिल्डिंग को शुरू नहीं किया गया। नई बिल्डिंग में एक भी दिन कक्षा नहीं लगी है। इसको लेकर कई बार सरकारी स्कूल के अध्यापकों की ओर से शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन उनकी ओर से कोई भी ध्यान नहीं दिया गया। गांव सुनपेड़ के सरपंच गजेंद्र रावत ने बताया की नई बिल्डिंग में स्कूल शुरू करने के लिए उनकी ओर से कई बार शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन नई बिल्डिंग में स्कूल शुरू नहीं किया गया है। जिसका मुख्य कारण बच्चों की संख्या बताई जाती है। वहीं स्कूल में बिजली पानी का कनेक्शन भी नहीं हैं।
इस बारे में पहले मुझे जानकारी नहीं दी गई थी। अब इस स्कूल की पूरी जानकारी लेने के बाद जल्द से जल्द शुरू करवाने की कोशिश करेंगे। - अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी