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डॉक्टर ने तुरंत जांच कराने के लिए कहा, कर्मी बोले एक माह बाद आओ, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एक्सरे-अल्ट्रासाउंड कराने के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार

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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पंजीकरण करवाने के लिए लगी मरीजों की लाइन । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। विश्व स्तरीय सुविधाओं का दावा करने वाले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में कुप्रबंधन के कारण मरीजों को कई घंटे इंतजार के बाद डॉक्टरों से परामर्श मिल रहा है। वहीं, जांच के लिए तारीख पर तारीख दी जा रही है। यहां एक्स-रे के लिए आठ से पंद्रह दिन और अल्ट्रासाउंड के लिए एक से डेढ़ माह की तारीख दी जा रही है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ओपीडी काउंटर तक पहुंचने के लिए मरीज पंजीकरण केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही लाइन में खड़े हो गए। इसके बावजूद कई मरीजों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ा। यहां वेडिंग मशीन से टोकन दिया जा रहा है। टोकन नंबर के अनुसार मरीज को काउंटर पर बैठे कर्मचारी से ओपीडी में रेफर करने और तिथि का स्टांप लगवाना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में ज्यादातर मरीज टोकन नंबर के अनुसार अपनी बारी का इंतजार करने के लिए प्रतीक्षा केंद्र में ही बैठे मिले।
अल सुबह नंबर लगाकर अपना पर्चा जमा करवाने के बाद ओपीडी कक्ष में पहुंचे मरीज को फिर डॉक्टर तक पहुंचने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। यहां भी नंबर आ जाए तो डॉक्टर द्वारा लिखी गई जांच के लिए फिर लाइन लगानी पड़ रही है। हैरत की बात यह है कि इतनी मशक्कत के बाद यदि डॉक्टर परामर्श में एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए लिख दे तो मरीज का इलाज जांच के लिए मिली तारीख के भरोसे ही लंबित हो रहा है। ज्यादातर मरीजों को एक सप्ताह या माह बाद दोबारा आकर एक्सरे व अल्ट्रासाउंड कराने की तारीख दी जा रही है। मरीजों से बात करने पर पता चला कि यह स्थिति हर दिन की है।
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महिला रोग विभाग में शुक्रवार सुबह अपनी बारी का इंतजार कर रहीं वेदवती ने बताया कि वह लगातार तीन सप्ताह से मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए आ रही हैं। वह तीन सप्ताह पहले बेटे किशोर (18) को लेकर आपातकाल कक्ष में रात 11 बजे पहुंची थी। डॉक्टर ने मर्ज पूछ कुछ दवा व इंजेक्शन लगाकर देर रात ही उसे घर भेज दिया। अगले दिन ओपीडी में आने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि बेटे को प्रोस्ट्रेट संबंधी समस्या है। वहीं, वह स्वयं दोनों पांव में गांठ और स्त्री रोग से परेशान हैं। बेटे व अपना उपचार के लिए वेदवती तीन सप्ताह से मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रही हैं। हर दिन उसे डॉक्टर से परामर्श के लिए करीब तीन घंटे से ज्यादा का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, उसे एक सप्ताह पहले अल्ट्रासाउंड के लिए 15 अप्रैल की तारीख दी गई है।
ड्यूटी से दो घंटे का लिया था गेट पास, लगे चार
कमजोरी के कारण पत्नी चलने में असमर्थ है। शुक्रवार को उसकी रक्त जांच की रिपोर्ट मिली। यह दिखाने के लिए ड्यूटी से दो घंटे का गेट पास लेकर आया। चार घंटे बीतने के बाद भी नंबर नहीं आया। ऐसे में कंपनी पूरे दिन की गैर हाजिरी लगा देगी। - सतबीर, तीमारदार
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इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को भी लाइन लगानी पड़ रही है। यहां से ओपीडी में भेज कर जांच के लिए कह दिया गया। जांच के लिए डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए कहा गया। - सुमन, मरीज
मेडिकल कॉलेज में इलाज की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं। जांच के लिए लंबी वेटिंग की जानकारी नहीं थी। अब शिकायत मिली है, इसका प्रबंधन के साथ मिलकर समाधान निकालेंगे। - डॉ असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज
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