12 गांवों के लोगों में रोष, प्रशासन और सरकार नहीं ले रहा है सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
छायंसा। मोहना से बागपुर और आस-पास के करीब 12 गांवों को जोड़ने वाला यमुना पुल पिछले 5 वर्षों से जर्जर हालत में है। पुल पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और भी बढ़ जाता है। आए दिन दुपहिया वाहन चालक और छोटे वाहन यहां फिसल जाते हैं, जिससे चोटिल होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
बागपुर गांव निवासी सौरभ शर्मा ने बताया कि यह पुल उनका और आस-पास के 12 गांवों के हजारों लोगों का रोजाना का मार्ग है। उन्होंने कहा हर दिन इस पुल से गुजरना किसी जंग से कम नहीं लगता। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालकों को जान हथेली पर रखकर निकलना पड़ता है। कई बार यहां बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, फिर भी प्रशासन और सरकार ने इस रास्ते की सुध नहीं ली है।
पुल की यह बदहाल स्थिति सिर्फ दुर्घटनाओं का कारण ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में लोगों की परेशानी भी बढ़ा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और बुजुर्ग सभी को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। वाहन चालक अक्सर पुल पर गाड़ी रोककर सावधानी से निकलते हैं, जिससे ट्रैफिक भी बाधित हो जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वे इस मुद्दे को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों की मांग है कि पुल की मरम्मत कार्य को तुरंत प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।