गांवों में कोहरे से जनजीवन प्रभावित
एक्यूआई 250 के पार, प्रदूषण पर सख्ती के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मंगलवार की सुबह फरीदाबाद के लिए इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी सुबह साबित हुई। न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ठंड ने जिले की रफ्तार थाम ली। शहर में आसमान साफ रहा लेकिन ग्रामीण और खुले इलाकों में घने कोहरे ने हालात मुश्किल कर दिए।
सर्द हवाओं के चलते लोग रैन बसेरों और अलाव का सहारा लेते नजर आए। इसी बीच ठंड के साथ-साथ प्रदूषण का संकट भी गहराता जा रहा है। मंगलवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 250 के आसपास बना रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। सुबह के समय तिगांव, पाली, दयालपुर, बड़खल, मोहना समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा छाया रहा। खेतों और ग्रामीण सड़कों पर दृश्यता कम होने से दूध सप्लाई, सब्जी ढुलाई और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जैसे शहरी इलाकों में कोहरा तो नहीं रहा लेकिन तेज ठंडी हवा ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया।
मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण ठंड बढ़ी है। शहर में घना कोहरा बनने की संभावना कम है, लेकिन खुले और ग्रामीण इलाकों में सुबह-शाम हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक 18 जनवरी तक ठंड का असर बना रहेगा। 14 और 15 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। 16 जनवरी से आंशिक बादल छा सकते हैं जिससे रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी लेकिन दिन की ठंड से खास राहत नहीं मिलेगी। अधिकतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं मंगलवार को न्यूनताम तापमान 4 व अधिकत 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों की बढ़ी चिंता
ठंड और शुष्क मौसम का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार यह मौसम सरसों और गेहूं दोनों फसलों के लिए संवेदनशील है। कम तापमान के कारण सरसों में सफेद रतुआ और फफूंदी का खतरा बढ़ जाता है जबकि गेहूं की फसल के लिए यह दूसरी सिंचाई का उपयुक्त समय माना जा रहा है। ठंड के कारण शहरवासियों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिला। पार्कों में सुबह की सैर देर से शुरू हो रही है जबकि चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। एनआईटी निवासी सुनीता शर्मा ने बताया कि कोहरा नहीं है लेकिन ठंड बहुत चुभ रही है। बच्चों को बाहर भेजते समय कई परत कपड़े पहनाने पड़ रहे हैं।
मवेशियों पर भी ठंड का असर
ठंड का असर पशुपालन पर भी दिखने लगा है। पाली गांव के पशुपालकों के अनुसार ठंड में पशु सुस्त हो जाते हैं और खान-पान पर ध्यान न देने से दूध उत्पादन घट जाता है। वहीं सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजा जा रहा है जहां अधिकतर मवेशियों में किसी न किसी बीमारी के लक्षण पाए जा रहे हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है।
ठंड के बीच प्रदूषण पर प्रशासन की सख्ती
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव योगेश कुमार की अध्यक्षता में फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के अधिकारियों के साथ अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एफएमडीए, नगर निगम फरीदाबाद, नूंह व पलवल की नगर परिषदें, सिंचाई विभाग, डीएचबीवीएन समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। फोकस औद्योगिक प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, सीवेज प्रबंधन और यमुना संरक्षण पर रहा। एचएसपीसीबी सदस्य सचिव योगेश कुमार ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की सीटीओ (कंसेंट टू ऑपरेट) रद्द की जाएगी।
यमुना और नालों पर कड़ी निगरानी
बैठक में यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने पर विशेष जोर दिया गया। नगर निगम और पुलिस को अवैध रूप से नालों में सीवेज डालने वाले टैंकरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग को नालों के किनारे फेंसिंग और कचरा डंपिंग रोकने के लिए भौतिक अवरोध तैयार करने को कहा गया। धार्मिक गतिविधियों से निकलने वाले कचरे को नदी में जाने से रोकने के लिए समर्पित घाट बनाने के भी निर्देश दिए गए। अवैध औद्योगिक इकाइयों को जगह देने वाले भू-स्वामियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। जिन इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा बकाया है, उनकी सीटीओ रद्द कर राशि की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।
वर्जन
तापमान में बदलाव होने पर बच्चों, महिलाओं व मरीजों को अधिक ध्यान रखने की जरूरत है, सुबह व शाम जरूरी कार्य होने पर ही बाहर निकलने व गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। - जयंत आहूजा, सीएमओ फरीदाबाद