The body was changed from the mortuary, the relatives created a ruckus, died due to being hit by a train, was kept for post-mortem in BK Civil Hospital
फरीदाबाद। बीके अस्पताल की मोर्चरी से एक 27 वर्षीय युवक का शव डॉक्टर की लापरवाही से बदल गया। शव को किसी दूसरे मृतक के परिजनों को दे दिया और उन्होंने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। मामले का पता चलते ही परिजनों ने मोर्चरी पर हंगामा किया।
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मृतक मूलरूप से बिहार के लखिसराय का रहने वाला था। बल्लभगढ़ की सुभाष कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। युवक की मौत रेल की चपेट में आने से हुई थी। उसके शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल में रखवाया गया था। बृहस्पतिवार को जब उसके परिजन पहचान के लिए पहुंचे तो शव नहीं मिला था। मृतक की पत्नी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की शिकायत दी है। जीजा पंकज ने बताया कि सोनू इटोन गांव का था। यहां कबाड़ा इकट्ठा कर उसे दुकान पर बेचता था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। 10 जनवरी को घर नहीं लौटा था। दो दिन के इंतजार के बाद परिजनों ने तलाश शुरू की और दुकान पर पहुंचे जहां सोनू कबाड़ा बेचता था।
कबाड़ी ने बताया कि दो दिन से वह यहां नहीं आया है। रेलवे पुलिस के कर्मचारी किसी युवक के शव की पहचान में जुटे हैं, जाकर पूछताछ लो। परिजन बल्लभगढ़ जीआरपी थाने में पूछताछ के लिए पहुंचे। यहां उन्हें एक शव की फोटो दिखाई गई जो सोनू का ही था। पुलिसकर्मी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल रखवाया गया है। बृहस्पतिवार सुबह परिजन शव लेने पहुंचे तो उन्हें चार से पांच शव दिखाए गए। उनमें सोनू का शव नहीं था। बार बार पूछने पर बताया गया कि शव बदल गया है। सोनू का शव मध्यप्रदेश निवासी दूसरे मृतक के परिजनों को सौंप दिया। उन लोगों ने भी शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है।