बुनियादी सुविधाओं के लिए 115 और सीवरेज व पेयजल के लिए 593 करोड़ की डीपीआर सरकार को भेजी
वर्षों से जूझ रहे इलाकों को राहत की उम्मीद, मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। शहर के दायरे में शामिल गांवों और नई कॉलोनियों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। नगर निगम ने 24 गांवों और 81 कॉलोनियों के समग्र विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है जिसमें सड़क, सीवरेज, पेयजल और सामुदायिक ढांचे को एक साथ सुधारने की योजना बनाई गई है।
बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए 115.50 करोड़ रुपये के प्रारंभिक प्रावधान से शुरू हुई यह पहल अब एक व्यापक मास्टर प्लान का रूप ले चुकी है। साथ ही सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 593 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सरकार को भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही इन इलाकों में बड़े स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है। शहर में शामिल कई गांव और कॉलोनियां वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ी हुई हैं।
बरसात के दौरान जलभराव, गर्मियों में पानी की किल्लत और टूटी सड़कों ने यहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है। लगातार मिल रही शिकायतों और उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब होने के बाद नगर निगम ने इन क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे कराया और जरूरतों के आधार पर चरणबद्ध विकास योजना तैयार की। इस योजना में सड़क निर्माण, नालियां, चौपाल, कम्युनिटी सेंटर, पेयजल और सीवरेज नेटवर्क को प्राथमिकता दी गई है ताकि इन इलाकों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बुनियादी ढांचे पर 115 करोड़ होंगे खर्च
24 गांवों और 81 कॉलोनियों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 115.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से सड़कों का निर्माण और मरम्मत, चौपालों और कम्युनिटी सेंटर का विकास, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे आवागमन आसान होने के साथ सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान भी उपलब्ध होंगे। स्थानीय स्तर पर यह बदलाव जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करेगा।
सीवरेज सिस्टम को बड़े पैमाने पर किया जाएगा अपग्रेड
पूरे क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 349.54 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इसमें नई लाइनें बिछाने के साथ-साथ मौजूदा सिस्टम को मजबूत करने और उसके रखरखाव को भी शामिल किया गया है। इस कदम से जलभराव की समस्या में कमी आएगी और गंदे पानी की निकासी सुचारू होगी। इसके साथ ही बीमारियों के खतरे में भी कमी आने की उम्मीद है जो लंबे समय से इन इलाकों की बड़ी समस्या रही है।
हर घर तक नियमित पानी पहुंचाने की तैयारी
पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 244.19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत नए पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने और पुराने सिस्टम को अपग्रेड करने का काम होगा। इस योजना के लागू होने से खासतौर पर गर्मियों में पानी की कमी से जूझ रहे इलाकों को राहत मिलेगी और टैंकर पर निर्भरता कम होगी।
तकनीकी आधार और जवाबदेही तय
पूरी योजना की विस्तृत रिपोर्ट तकनीकी एजेंसी की मदद से तैयार की गई है जिसमें दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन और क्रियान्वयन का खाका बनाया गया है। डीपीआर में केवल निर्माण ही नहीं बल्कि संचालन और रखरखाव को भी शामिल किया गया है ताकि योजनाएं टिकाऊ साबित हों। उच्च स्तर पर हुई समीक्षा बैठकों में लंबित परियोजनाओं में देरी पर सख्ती दिखाई गई है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
रोजमर्रा की समस्याओं से मिलेगी राहत
इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना सिर्फ कागजी नहीं बल्कि रोजमर्रा की परेशानियों का समाधान बन सकती है। बरसात में घरों में घुसता पानी, टूटी सड़कें, धूल और पानी की कमी जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। योजना लागू होने के बाद जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ संपत्तियों की कीमत बढ़ने और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गांवों और कॉलोनियों को विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त