फरीदाबाद। देशभर के हस्तशिल्प कलाकारों के लिए अच्छी खबर है। औद्योगिक नगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सूरजकुंड अब साल में दो बार गुलजार होगा। यहां फरवरी के साथ नवंबर में भी अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले लगाए जाएंगे। इसकी घोषणा मंगलवार को पेश बजट में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने की है। इससे हस्तशिल्प कलाकारों को फायदा होगा। उन्हें साल में दो बार अपनी कला को प्रदर्शित करने का बड़ा मंच मिलेगा। साथ ही सैलानियों की संख्या बढ़ने से राज्य सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा।
हर साल सूरजकुंड में फरवरी महीने में 15 से 17 दिन तक अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला लगाया जाता है। इसमें देश-विदेश से 10 लाख के आसपास सैलानी पहुंचते हैं। इसके अलावा मेले में हर बार एक हजार से अधिक देश-विदेश से हस्तशिल्प कलाकार पहुंचते हैं। इसके आयोजन से सरकार को 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिलता है। ऐसे में सूरजकुंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फरवरी की तरह ही नवंबर में मेला आयोजित करने का फैसला लिया है। जानकारों का कहना है कि इससे जिले में रोजगार का भी सृजन होगा। लोगों का कहना है कि इससे अब सूरजकुंड में चहल-पहल बनी रहेगी। अभी साल में एक ही बार मेला लगता है।
इस बार मार्च में लग रहा मेला
कोरोना के कारण इस बार सूरजकुंड में 20 मार्च से चार अप्रैल तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 35 से अधिक देशों कलाकारों के पहुंचने के साथ एक हजार से अधिक विभिन्न राज्यों से हस्तशिल्प कलाकार पहुंचेंगे। इसकी तैयारी की जा रही है।