35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कर सकते हैं। पर्यटन विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। विभाग द्वारा इनसे समय मांगा जा रहा है। इनके कार्यालय से संपर्क साधा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि मेले का उद्घाटन कौन करेंगे।
सूरजकुंड मेले का आयोजन 20 मार्च से 4 अप्रैल तक होगा। इस बार मेले के लिए जम्मू-कश्मीर को थीम स्टेट बनाया गया है, जबकि इसमें 30 से ज्यादा देश भाग लेंगे। अधिकारियों का यह कहना है कि हर साल की तरह इस बार भी 35वें मेले के लिए चार फरवरी को ध्यान में रखकर तैयारी की गई थी, लेकिन जनवरी में एकाएक बढ़े कोरोना के मामले और तीसरी लहर के चलते इसके आयोजन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया था। सरकार ने अब इसके लिए अनुमति दे दी है। लिहाजा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेले में भाग लेने वाले देश व थीम स्टेट के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
दिखेगी अरावली की झलक
सूरजकुंड मेला परिसर में बनाए गए बनारस के घाट पर इस बार अरावली के जंगल में रह रहे वन्यजीवों की झलक दिखेगी। राजस्थान के रणथम्भोर के कलाकार इसे घाट की दीवारों पर उकेरेंगे। अपनी चित्रकारिता से अरावली में रह रहे चीता, लकड़बग्घा, अजगर, सांबर, खरगोश आदि को प्रदर्शित करेंगे। साथ ही वन्य जीव के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते से दीवारों पर चित्रकारिता शुरू कर दी जाएगी।
बनाया जाएगा थीम स्टेट का गेट
सूरजकुंड मेला प्रबंधन के अनुसार कोरोना के चलते जम्मू-कश्मीर को थीम गेट बनाने का कार्य रोक दिया गया था, लेकिन सरकार से मेले के आयोजन की अनुमति मिलने के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस हफ्ते तक यह निर्णय ले लिया जाएगा कि थीम गेट कहां बनाया जाएगा। इसे मीडिया हाउस के पास बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेले के उद्घाटन के लिए वीआईपी की तलाश शुरू कर दी गई है। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री कार्यालय से भी संपर्क किया जा रहा है। साथ ही कई केंद्रीय मंत्री कार्यालय से भी संपर्क किया जा रहा है। - राजेश जून, नोडल अधिकारी, सूरजकुंड मेला