शहीद राजा नाहर सिंह के वंशज सुनील तेवतिया चुनाव मैदान में
सुनील तेवतिया बोले - चार पीढि़यों ने देश के लिए बलिदान दिया है, आशा है जनता भरोसा जताएगी
जजपा के बाद इनेलो ने भी जाट जाति से उम्मीदवार उतारा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से शहीद राजा नाहर सिंह के वंशज सुनील तेवतिया (49) को प्रत्याशी बनाया है। क्षेत्र में जाटों की सबसे बड़ी संख्या में मद्देनजर इनेलो ने भी जाट समुदाय के नेता पर भरोसा जताया है। अब बड़ी पार्टियों में इस लोकसभा चुनाव के मैदान में जजपा के बाद इनेलो के जाट उम्मीदवार उतरने से कांग्रेस खेमे में भी हलचल हो गई है। फरीदाबाद लोकसभा का चुनाव और भी रोचक हो गया है।
चुनावों की तिथि की घोषणा होने के तुरंत बाद भाजपा ने मैदान में वर्तमान लोकसभा सांसद कृष्णपाल गुर्जर को उतारकर अपने पत्ते खोल दिए थे। इसके बाद बसपा ने मौखिक रूप से अपने प्रत्याशी किशन ठाकुर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, हालांकि लिखित में इसकी घोषणा नहीं की गई है। हाल ही में जजपा ने युवा चेहरे नलिन हुड्डा को उतारा था।
आम चुनाव की घोषणा के लगभग एक माह बाद इनेलो ने भी शहीद राजा नाहर सिंह के परिवार और जाट नेता सुनील तेवतिया पर दांव आजमाया है। ऐसे में मैदान में दो बड़ी पार्टियों से जाट वोटों को अपनी ओर खींचने की रस्साकशी तेज हो गई है। राजनीतिज्ञों के अनुसार, पिछले दो चुनावों में जाट समुदाय से बड़ी संख्या में कांग्रेस को पसंद किया जाता रहा है। ऐसे में देखना यह है कि कौन सा प्रत्याशी जाट वोट बैंक को अपनी ओर करता है।
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साल 2002 से राजनीति में हैं सुनील
इनेलो नेता सुनील तेवतिया वर्ष 2002 से राजनीति में हैं। वह प्रदेश यूथ कांग्रेस पार्टी में महासचिव पद पर भी रहे हैं। इसके अलावा वह कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। एक बार वह सेक्टर-तीन बल्लभगढ़ से पार्षद का चुनाव लड़े थे। इस दौरान वह मात्र 100 वोटों से हार गए थे। लगभग 2019 के बाद वह इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला के संपर्क में आए। इसके बाद से वह इनेलो से जुड़े हैं। सुनील का कहना है कि उनकी चार पीढि़यों ने देश के लिए बलिदान दिया है। ऐसे में उन्हें आशा है कि फरीदाबाद लोकसभा की जनता उनपर भरोसा जताएगी।
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कांग्रेस के उम्मीदवार का लंबा इंतजार
फरीदाबाद में 25 मई को होने वाले चुनाव के लिए अभी तक लगभग सभी बड़े दलों ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। भाजपा प्रत्याशी के करीब एक माह पहले ही चुनाव में उतरने और इनेलो, जजपा और बसपा के भी प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके बावजूद अभी भी कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो पाई है। हालांकि, कांग्रेस से टिकट को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप और पूर्व कैबिनेट मंत्री करन दलाल ने अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि आलाकमान के पास फरीदाबाद समेत हरियाणा के कई लोकसभा क्षेत्रों की फाइल है लेकिन फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में प्रत्याशी की घोषणा न होने पर कांग्रेस नेता और वोटर भी निराश हैं।