फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: विवि के स्थापना दिवस पर छात्रों ने प्रस्तुत किया रंगारंग कार्यक्रम

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

फरीदाबाद। जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का शनिवार को 55वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभिन्न छात्र क्लबों की ओर से नृत्य, अभिनय और योग प्रस्तुतियां दी गई।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एचएसएचईसी) के उपाध्यक्ष डाॅ. केसी शर्मा और गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार विशिष्ट अतिथि रहें। इस मौके पर उत्कृष्ट वैज्ञानिक कार्यों के लिए स्थापित जेसी बोस युवा वैज्ञानिक पुरस्कार गणित विभाग के शोधार्थी दीपक को दिया गया। एमएससी की छात्रा कोमल को पर्यावरण विज्ञान, एमएससी गणित की अंकिता व पाक्षी को दिया गया। पीएचडी के छात्र पीयूष गुप्ता को यूजीसी-सीएसआईआर की ओर से आयोजित जेआरएफ परीक्षा बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा डॉ. रवि कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. सूरज गोयल, डॉ. सोमवीर, डॉ. दीपांश शर्मा, डॉ. श्रुति मित्तल और डॉ. पारुल गुप्ता को सम्मानित किया गया। वहीं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा पूर्व छात्रों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।
विज्ञापन

वहीं, विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. सोनिया, डॉ. अमन जोशी, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. ओमपाल सिंह, डॉ. योगिता, डॉ. अनुराग प्रकाश, डॉ. बिंदु मंगला, डॉ. अमित राजपूत, डॉ. भावना उत्तम, डॉ. अर्पिता चटर्जी, डॉ. संजीव गोयल, डॉ. सपना तनेजा, डॉ. रजनी सग्गू, डॉ. भावना उत्तम, डॉ. तिलक राज, डॉ. भास्कर नागर और डॉ. पीएन बाजपेयी को अनुसंधान और विकास गतिविधियों के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों के योगदान को मान्यता देते हुए पुरस्कार दिए गए। सहायक राजबीर पिछले 25 वर्षों विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। इस मौके पर स्टार एल्युमिनाई के रूप में पूर्व छात्र में राशिद अली शेख, अरविंदर सिंह नारंग और अनिल कुमार भारद्वाज भी शामिल रहे। विद्यार्थियों की ओर से बनाए गए प्रदर्शित प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जेसी बोस विश्वविद्यालय की शुरूआत वर्ष 1969 में एक इंडो-जर्मन डिप्लोमा संस्थान के रूप में की गई थी। इस दौरान इसे वाईएमसीए इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2009 में संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड किया गया। सका आयोजन डॉ. मुनीष वशिष्ठ एवं डॉ. सोनिया बंसल की देखरेख में किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें