शहरवासियों को अधिक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी
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30 एमएलडी होगी दोनों प्लांटों की कुल क्षमता अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले की 25 लाख से अधिक आबादी को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने परियोजना तैयार की है। यमुना खादर के भूजल की वैज्ञानिक जांच के बाद अब पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना तैयार की है। परियोजना के तहत मंझावली और ददसिया में दो अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। दोनों प्लांटों की कुल क्षमता 30 एमएलडी होगी। आधुनिक तकनीक से पानी में मौजूद आर्सेनिक, मैंगनीज, आयरन और अन्य हानिकारक तत्वों को हटाया जाएगा। जिससे शहरवासियों को अधिक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एफएमडीए और केंद्रीय भूजल बोर्ड ने यमुना किनारे करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक वैज्ञानिक सर्वे कराया था। पानी और मिट्टी के नमूनों की जांच के आधार पर जिन जल स्रोतों में उपचार की जरूरत महसूस हुई, उन्हें प्राथमिकता पर लिया गया है। इसी वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर अब जल शोधन की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। शहर में 22 रैनी वेल और 160 से अधिक डीप ट्यूबवेल से पानी उपलब्ध कराया जाता है।
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हानिकारक तत्वों को 98 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य
एफएमडीए मंझावली में 10 एमएलडी और ददसिया में 20 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। दोनों प्लांटों की संयुक्त क्षमता 30 एमएलडी होगी। इसमें हाइब्रिड सिरेमिक मेम्ब्रेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इन संयंत्रों में अत्याधुनिक एक्टिवेटेड एल्यूमिना फिल्टर मीडिया और एडसोर्प्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पानी में मौजूद आर्सेनिक और अन्य भारी धातुओं को प्रभावी तरीके से हटाने में मदद मिलेगी। परियोजना में हानिकारक तत्वों को कम से कम 98 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। वैज्ञानिक सर्वे के दौरान रेनीवेल नंबर-5, 20 और 22 में पानी की गुणवत्ता से जुड़े सुधार की जरूरत सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने समस्या की पहचान तक सीमित रहने के बजाय उसके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाया है।
सात साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी
परियोजना की खास बात यह है कि प्लांट बनने के बाद इसके संचालन को लेकर भी व्यवस्था तय की गई है। निर्माण के बाद दो वर्ष की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि रहेगी। इसके बाद पांच वर्षों तक प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी कार्यदायी एजेंसी की होगी। इस अवधि में प्लांट की मरम्मत, जरूरी केमिकल और मैनपावर जैसी व्यवस्थाएं भी एजेंसी संभालेगी। इससे नए प्लांटों के लंबे समय तक बेहतर संचालन की उम्मीद है।
शहरवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एफएमडीए प्रतिबद्ध है। मंझावली और ददसिया में दो अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इन संयंत्रों के शुरू होने से लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।- अंकित भाद्वाज, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए