फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र खोरी में फिर से लोगों ने झुग्गी लगाना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि खोरी में अपने प्लॉट से नहीं हटेंगे। वहीं, खोरी में मकान तोड़ने के बाद निगम दो-तीन बार झुग्गियों को हटवा चुका है। लोग कुछ दिन के बाद दोबारा से झुग्गी बना लेते हैं।
अरावली वन क्षेत्र में अवैध रूप से काफी संख्या में लोग खोरी में मकान बना लिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा गया था। इस पर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोरी में अवैध कब्जों को नगर निगम की ओर से हटाया गया था। इसके बाद भी मलबे पर लोग दोबारा से झुग्गी लगाकर रहने लगे थे। ऐसे में निगम को दो-तीन बार कार्रवाई कर ऐसे लोगों को खोरी गांव के मलबे से हटाया।
पिछले महीने भी निगम ने अभियान चलाकर ऐसे लोगों को अरावली वन क्षेत्र में बसे खोरी गांव से हटाया गया था। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर पथराव भी कर दिया था। इस दौरान नगर निगम पूरे क्षेत्र को साफ करा दिया था। इसके बाद अब फिर से लोग मलबे पर झुग्गी लगाकर रहने लगे हैं। उनका कहना है कि सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। ऐसे में अपने प्लॉट पर कब्जा नहीं छोड़ेंगे। निगम के एसडीओ करतार दलाल ने बताया कि खोरी में कुछ लोगों ने प्लॉस्टिक टेंट जरूर लगाया है लेकिन वह खाली है। कुछ लोग दिन में आ जाते हैं, उन्हें टेंट हटाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि चारों ओर से खुला होने से लोग आसनी से पहुंच जाते हैं। ऐसे में उसकी चाहरदीवारी कराने की योजना है। इसके बाद इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। खोरी विस्थापितों को जल्द डबुआ कॉलोनी और बापू नगर में ईडब्ल्यूएस फ्लैट उपलब्ध कराया जाएगा।