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Faridabad News: मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर बुजुर्ग से 1.24 करोड़ की ठगी में छह धरे

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सभी आरोपी उत्तर प्रदेश से, अब तक 13 की हो चुकी है गिरफ्तारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सीबीआई अधिकारी बताकर गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाते हुए बुजुर्ग से 1 करोड़ 24 लाख 45 हजार रुपये ठगने वाले गिरोह के 6 आरोपियों को साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रौनक पाल, राकेश पाल, शुभम राय, अमन दुबे, ओमकार और रणजीत के रूप में हुई है। सभी उत्तर प्रदेश से हैं। इस मामले में पुलिस अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार सेक्टर-85 निवासी वरिष्ठ नागरिक ने मामले में शिकायत दी थी। जिसके अनुसार 30 मार्च को उसके मोबाइल पर फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि उसके नाम से बंगलुरू में बैंक खाता चल रहा है। उस खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में हुआ है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर उसे धनराशि जांच के लिए निर्धारित खातों में जमा करने को कहा गया। ठगों ने भारतीय रिजर्व बैंक, आयकर विभाग और सर्वोच्च न्यायालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज भी भेजे। झांसे में आकर पीड़ित ने अप्रैल में अलग-अलग खातों में 1,24,45,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस मांगने पर सभी मोबाइल नंबर बंद मिले।
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बिहार, छत्तीसगढ़ व झारखंड के युवाओं के नाम पर खुलवाते थे खाते
जांच में सामने आया कि ओमकार और रणजीत बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ से युवाओं को बुलाकर उनके नाम पर फर्म के खाते खुलवाते थे और इन खातों को आगे साइबर ठगों को मुहैया कराते थे। अमन दुबे फर्म के लिए जगह और दस्तावेज तैयार करवाने का काम करता था। वहीं शुभम, राकेश और रौनक विदेश में बैठे साइबर ठगों के संपर्क में टेलीग्राम के माध्यम से रहते थे। तीनों अपने मोबाइल में ऐसे एप रखते थे, जिनसे ठग उनके मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर लेते थे। ठगी के दौरान ओटीपी प्राप्त करने के लिए सिम मोबाइल में रखते और बाद में निकाल देते थे।
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