राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं आंध्र प्रदेश के शिल्पकार
फरीदाबाद। मेले में देश-विदेश से आए शिल्पकार अपनी पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश से पहुंचे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार शिंदे श्रीरामुलु की चमड़े की चित्रकारी कला पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी स्टॉल पर दिनभर कला प्रेमियों और पर्यटकों की आवाजाही देखी जा रही है।
शिंदे श्रीरामुलु बताते हैं कि यह पारंपरिक कला प्राकृतिक रंगों से चमड़े पर चित्रांकन की प्रक्रिया पर आधारित है। इससे तैयार उत्पादों का उपयोग घर को सजाने में किया जाता है। इनमें लैंप शेड, डोर हैंगिंग्स, वॉल पेंटिंग्स और अन्य सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। उनकी उत्कृष्ट कारीगरी के लिए उन्हें वर्ष 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की ओर से उन्हें कलानिधि, कलामणि और कला श्री पुरस्कार भी मिल चुका है।
उन्होंने बताया कि सूरजकुंड मेला उनकी कला को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच है, जहां देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटक पारंपरिक शिल्प को करीब से देखते और सराहते हैं।