फरीदाबाद। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में यौन उत्पीड़न कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से शुक्रवार देर शाम दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्कूल के मुखिया को कमेटी बनाकर सदस्यों का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य महत्वपूर्ण चीजों को बोर्ड पर डिस्प्ले करना होगा। अगर कोई संचालक ऐसा नहीं करता है तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल संचालकों को 10 मार्च से पहले यौन उत्पीड़न समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इसमें चार शिक्षकों का एक समूह बनाया जाएगा। इसमें से एक विद्यालय प्रमुख होगा। इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य यौन शोषण मामलों पर नजर रखना और उनकी निगरानी करना है। इसके तहत सभी विद्यालयों में महिला सुरक्षा गार्ड की भी अनिवार्य रूप से नियुक्ति होगी। इसके तहत विद्यार्थियों को जागरूक भी किया जाएगा। हिचक दूर करने के लिए समय-समय पर छात्रों की काउंसलिंग भी की जाएगी। शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि स्कूल के वाहनों में भी सुरक्षा के इंतजाम करना चाहिए। जिससे बाहरी तत्वों पर भी निगरानी रखी जा सके। इसके लिए स्कूल वैन पर संबंधित स्कूल व प्रधानाध्यापक का फोन नंबर इंगित किया जाए, जिससे कोई भी व्यक्ति किसी भी घटना के बारे सूचित कर सके। बता दें कि हाल ही में डीपीएस के छात्र ने सोसाइटी की इमारत से 17वीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी थी। इसमें उसे सहपाठी छात्रों द्वारा परेशान और अकादमिक हेड पर सुनवाई न करने का आरोप है।
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सरकारी और गैर सरकारी स्कूल संचालकों को यौन उत्पीड़न कमेटी बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगर किसी बच्चे को कोई शिकायत करना है तो कमेटी से संपर्क कर सकता है। - रितु चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी