फरीदाबाद। एक फरवरी को एसजीएम नगर में बुजुर्ग महिला अनीता त्यागी से लूटपाट की साजिश किसी लुटेरे ने नहीं बल्कि एक चौकीदार ने रची थी। लॉकडाउन में खर्चे ज्यादा और कमाई बंद होने के कारण उसने एक अपराधी के साथ मिलकर साजिश तैयार की। चौकीदार को क्राइम ब्रांच ने छह फरवरी को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक अपराधी अभी फरार है। पूछताछ में चौकीदार ने वारदात कबूल की।
मुख्य आरोपी डबुआ निवासी चौकीदार रंजन पात्रा कई दिनों से बुजुर्ग दंपती की निगरानी कर रहा था। आसान टारगेट समझ कर उसने यहां लूट की साजिश तैयार की । लूट की पूरी प्लानिंग तैयार करने के लिए रंजन खाली समय में एसजीएम नगर में चाय की दुकान चलाने वाले रामरतन उर्फ रामू के पास बैठने लगा था। इस दौरान उसे पता लगा कि रामू पहले चोरी करता था। उसने वर्ष 2005 में आखिरी बार चोरी की थी। अपनी सजा पूरी करने के बाद उसने चोरी करना छोड़ दिया और चाय बेचने लगा।
रंजन पात्रा ने रामू को अपनी योजना बताई और कहा कि एक वारदात में सब सेट हो जाएगा। रामू ने यूपी के बुलंदशहर निवासी अपने एक पुराने साथी बंटी से संपर्क किया। बंटी भी आपराधिक वारदातों में सक्रिय था। बंटी ने कहा कि वह हथियार के साथ तीन लड़के भेज देगा। 31 दिसंबर को बंटी ने विनोद, किशन और ज्ञानी नाम के लड़कों को दो कट्टे और कारतूस देकर फरीदाबाद भेज दिया। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने दोपहर एक बजे का वक्त चुना।
ज्ञानी घर के बाहर खड़ा हो गया और बाकी दोनों ने अनीता त्यागी को बंधक बनाकर सवा लाख रुपये और जेवरात लूट लिए। इसी दौरान अनीता के पति सुधीर त्यागी घर आ गए। उन्होंने शोर मचाया। इस कारण बदमाशों को भागना पड़ा। आसपास के लोगों ने मौके पर ज्ञानी को दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से कट्टा बरामद किया। इस मामले में अभी बंटी की गिरफ्तारी बाकी है। लूट की रकम बंटी के पास है। पुलिस बंटी की तलाश में छापेमारी कर रही है।