फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satta Ka Sangram: फरीदाबाद में चाय पर चर्चा... जानें जनता के मन में क्या, किस आधार पर करेंगे वोट?

Sat, 28 Sep 2024 09:11 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज फरीदाबाद के मतदाताओं से बातचीत की। यहां की बड़खल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई।
विज्ञापन
Satta Ka Sangram - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा की 90 विधानसभा सीट के लिए 5 अक्तूबर को मतदान होगा और मतगणना 8 अक्तूबर को होगी। इससे पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' हरियाणा के मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है। सत्ता का संग्राम अभियान के तहत अमर उजाला टीम ने आज फरीदाबाद के मतदाताओं से बातचीत की। यहां की बड़खल विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से उनके इस बार विधानसभा चुनाव में मुद्दों को जानने की कोशिश की गई। उनसे जानने की कोशिश की गई कि यहां कितना विकास हुआ है। दावे और वादों को लेकर भी चर्चा की गई।

विज्ञापन


एक मतदाता ने कहा कि भाजपा ने यहां किसी ने कुछ काम नहीं किया। इससे पहले कांग्रेस ने भी कुछ काम नहीं किया। नाले में गंदगी भरी पड़ी है। नगर निगम में इसकी कोई सुनवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार अच्छी है, पीएम मोदी काम कर रहे हैं। लेकिन जो इनके विधायक, सांसद चुनकर आते हैं वो कुछ काम नहीं करते। 

एक अन्य मतदाता ने कहा कि भाजपा के विधायकों, सांसदों को जनता से कोई मतलब है। पीएम मोदी को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। इस बार भी भाजपा की सरकार बनेगी। एक अन्य मतदाता ने कहा कि शहर में काम होना चाहिए। विकास होना चाहिए, लेकिन शहर की हालत खराब है। यहां भाजपा आगे चल रही है। 
विज्ञापन


एक मतदाता ने कहा कि स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले फरीदाबाद में सफाई नहीं है, नालों की सफाई नहीं है, जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। सीवर जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। आवारा जानवरों पर काबू नहीं है। एक अन्य मतदाता ने कहा कि हमारे विधायक जमीनी स्तर पर काम नहीं करते। यहां भाजपा और कांग्रेस में टक्कर है, ऐसा नहीं है कि भाजपा ही जीतेगी।


बता दें कि हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। बहुमत के लिए 46 का आंकड़ा चाहिए। पिछली बार भाजपा 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इसके बाद भाजपा ने दस सीटें जीतने वाली जजपा के साथ मिलकर सरकार का गठन किया था। कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। एक-एक सीट इनेलो और हलोपा के खाते में आई थी। सात सीटें निर्दलीयों ने जीती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें