एयरपोर्ट पर बच्चे को देखकर माता-पिता की भर गई आंखें
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मेरी बेटी यूक्रेन के पिसाचिन शहर में फंसी हुई है। बंकर में रह रही है। दो दिन से बेटी ने कुछ खाया भी नहीं है। बमबारी से वो बहुत डरी हुई है। सरकार से निवेदन है कि बिटिया को किसी तरह वापस ले आए। कुछ ऐसी ही शिकायतें यूक्रेन में फंसे बच्चों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम में पहुंच रही हैं। हालांकि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनके बच्चों की सरकार की तरफ से पूरी मदद की जाएगी।
फरीदाबाद मंडल के आयुक्त एवं हरियाणा भवन दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर संजय जून ने बताया कि यूक्रेन में फंसे हरियाणा राज्य के निवासियों और छात्रों की सहायता के लिए मंडल आयुक्त कार्यालय फरीदाबाद में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0129-2981617 भी जारी किया गया है।
शनिवार को करीब पांच शिकायतें कंट्रोल रूम में आईं। कुरुक्षेत्र निवासी दर्शन ने कहा कि उनकी बेटी सिमरन दो दिन पहले यूक्रेन के युद्ध वाले शहर खारकीव में थी। बेटी से सुबह बात हुई थी। दो दिन से बंकर में भूखे-प्यासे छिपकर जान बचाने के बाद वहां से पिसाचिन आ गई। वहां ठंड बहुत पड़ रही है। दो दिन से बेटी ने कुछ खाया नहीं है। सरकार बस मेरी बेटी को वापस ला दे।
इसी तरह सेक्टर-16 निवासी आनंद ने कहा कि उनका बेटा यूक्रेन में फंसा हुआ है। फोन पर बेटे से ठीक से बात भी नहीं हो रही है। सरकार उसे सकुशल वापस लाकर उससे मिलवा दे। वह सदा आभारी रहेंगे। रेजीडेंट कमिश्नर ने कहा कि अगर प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को यूक्रेन में फंसे हुए किसी भी व्यक्ति या छात्र से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त करनी है या सहायता की जरूरत है तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सकता है। उनकी पूरी मदद की जाएगी।