जिले में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार आठवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर पुतला दहन किया।
कर्मचारियों ने सम्मानजनक वेतन, पक्की नौकरी और शोषण मुक्त सेवा की मांग को लेकर सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान करने की मांग उठाई। यूनियन के जिला प्रधान नरेश राजपूत के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विभिन्न ब्लॉकों के कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं और सीटू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 15 मई से जारी हड़ताल के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की घोषणा अब तक लागू नहीं की गई है। साथ ही लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने की मांग भी अधूरी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों से 24 और 25 मई को नरवाना में होने वाले प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान भी किया गया। संवाद