- सुबह तेज धूप खिलने के बाद शाम अचानक मौसम ने ली करवट, आसमान में काले बादल छाये, जमकर बरसे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में आधे घंटे हुई झमाझम बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया। वहीं सड़कों पर जलभराव होने से मुसीबत खड़ी हो गई। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत नौकरीपेशा लोगों को हुई। सड़कों पर पानी अधिक होने से उन्हें आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे हुई बारिश से उमस बढ़ गई है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मंगलवार को तल्ख धूप के साथ लोगों के सुबह की शुरूआत हुई। दिन खुलने के साथ धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग जूझते रहे। शाम करीब साढ़े पांच बजे मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में काले घने बादल छा गए और गरज के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। इससे लोगों को गर्मी से तो मामूली राहत मिली। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-7-8 चौक और बल्लभगढ़ चौक पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। सबसे ज्यादा खराब हालत अजरौंदा चौक, बाटा चौक, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी 60 फुट रोड और सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए में देखने को मिली। ऐसे में बारिश से निपटने के लिए नगर निगम ने सभी नालों की सफाई के दावे किए थे। वे दावे हवा-हवाई साबित हुए।
घंटों गुल रही बिजली
उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की समस्या और बढ़ा दी। मंगलवार को शहर के अलग-अलग इलाकाें में करीब पांच से छह घंटे बिजली गुल रही है। सबसे अधिक दिक्कत सरुरपुर, तिलपत और खेड़ी क्षेत्र में देखने को मिली। फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को काफी परेशानी से जूझना पड़ा।
अस्पतालों में बुखार-डायरिया ने पसारा पैर
मौसम में उतार-चढाव होने से लोग मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में ओपीडी की संख्या चार हजार से बढ़कर करीब 5 हजार पहुंच गई है। इनमें सबसे अधिक खांसी, जुखाम, बुखार और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज शामिल हैं। हालत ये हैं कि सुबह इलाज के लिए डॉक्टरों की ओपीडी में पहुंचे मरीजों का दोपहर बाद भी नंबर नहीं आया, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। इसी तरह निजी अस्पताल की ओपीडी में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम, बुखार, अस्थमा और त्वचा संबंधी की शिकायत के शामिल हैं। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित निजी अस्पताल की वरिष्ठ फिजीशियन सुंदरी श्रीकांत ने कहा कि मौसम में बदलाव होने से शरीर की इम्युनिटी काफी तेजी से कम होती है। सुबह-शाम के मौसम में नमी होने के कारण मौसम में मौजूद संक्रमण शरीर पर अटैक कर देते हैं। ऐसे मौसम में स्वस्थ रहने के लिए नमक व चीनी का घोल, बेल का शर्बत आदि का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। गर्मी की वजह से शरीर से पसीना अधिक निकलता है, जिससे शरीर में सोडियम की कमी होती है। इसके चलते चक्कर व कमजोरी की शिकायत हो सकती है। इस स्थिति में लापरवाही बरते बिना तुंरत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।