5.83 लाख रुपये की ठगी का लगाया आरोप, एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। न्यूजीलैंड की कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी से 5.83 लाख रुपये ठग लिए गए। सेवानिवृत्त अधिकारी देवजीत घोष ने आरोप लगाया कि उन्होंने न्यूजीलैंड व भारतीय दूतावास से नौकरी के ऑफर लेटर को वेरिफाई कराया। बाद में उन्हें इमिग्रेशन के नाम पर एक व्यक्ति का नंबर दिया गया। जिसने अलग-अलग बहाने से रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये लेने के बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत सेक्टर-86 एरिया के रहने वाले देवजीत घोष ने दी है। साल 2002 में भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद ये रक्षा मंत्रालय से जुड़ी पीएसयू में साल 2023 तक डिप्टी जीएम के पद पर रहे। इसके बाद इन्होंने कई नौकरी पोर्टल पर अपना सीवी अपलोड किया। जिसके बाद इन्हें न्यूजीलैंड की कंपनी ओरियन डिलीवरी सर्विसेज लिमिटेड से प्रशासनिक अधिकारी के पद पर नौकरी ऑफर आया।
आरोप है कि इस कंपनी से आए ऑफर लेटर की कॉपी न्यूजीलैंड में भारतीय दूतावास को भेजी गई। उन्होंने भी कंफर्म किया कि ये कंपनी रजिस्टर्ड है और ऑफर सही है। उनकी ओर से भारत में न्यूजीलैंड दूतावास को भी ईमेल भेजने की बात कही गई। दिल्ली में न्यूजीलैंड दूतावास से शिकायतकर्ता को ईमेल आई जिसमें एक व्यक्ति बैरिस्टर जॉनसन एडम्स का नाम व नंबर देकर इनके दिशा-निर्देश का पालन करने को कहा गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों दूतावास से ऑफर को सही बताए जाने पर उन्होंने एडम्स के कहे अनुसार अलग-अलग नाम पर मांगी गई पेमेंट 5 लाख 83 हजार रुपये ट्रांसफर कर दी। लेकिन बाद में एडम्स व कंपनी प्रतिनिधि ने ईमेल व कॉल का जवाब देना बंद कर दिया। न्यूजीलैंड सरकार को इस बारे में बताया गया तो उन्होंने स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने को कहा। जिसके बाद 9 जनवरी 2025 को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दी गई। मामले में अब साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।