फरीदाबाद। जिले में रोशनी का पर्व दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया लेकिन प्रतिबंध के बाद भी जिलेवासियों ने रात में जमकर पटाखे फोड़े। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। दिवाली पर घरों, प्रतिष्ठानों और मंदिरों को दीयों और बिजली की झालरों से सजाया गया। शाम के समय लक्ष्मी-गणेश और कुबेर की पूजा करके सुख-समृद्धि की कामना की गई।
दिवाली से पहले ही शहर का प्रदूषण स्तर काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। इसको ध्यान में रखते हुए इस बार एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था। प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए गए थे। नियमों की अवहेलना करने पर छह माह की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया था। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी इसके लिए लोगों को चेतावनी जारी करते हुए आतिशबाजी न करने की अपील की थी। इसके बाद भी नियमों को ताक पर रख कर देर रात पर पटाखे जलाए गए।
भले ही खुलेआम पटाखों की बिक्री नहीं हुई, मगर चोरी छिपे खूब बिके। यहां तक कि लोगों को पटाखों की फ्री होम डिलीवरी तक दी गई। दिवाली पर पूजा के बाद लोगों ने पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए थे। एनआईटी हो या सेक्टर या कोई अन्य कॉलोनी, लोगों ने रात करीब दो बजे तक पटाखे जलाए। इससे रविवार सुबह स्मॉग के साथ लोगों की शुरुआत हुई। पटाखों के प्रदूषण के कारण आसमान में दिनभर बादल छाए रहे।
वायु गुणवत्ता सूचकांक पहुंचा 442
दीपावली की रात जमकर आतिशबाजी का असर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर दिखाई दिया। अगले दिन यानी रविवार सुबह 11 तक प्रदूषण का स्तर 442 पहुंच गया। जो बेहद गंभीर श्रेणी मानी जाती है। जबकि शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के आसपास था।
पुलिस-प्रशासन ने नहीं दिखाई सख्ती
इस अवसर पर न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की और न ही किसी प्रकार की सख्ती दिखाई दी। लोगों ने अपने घरों के बाहर जमकर पटाखे जलाए। एनजीटी के आदेश के बाद सरकार ने प्रत्येक जिला प्रशासन को हिदायत दी थी कि कोई भी पटाखे न बेचे और न ही जलाए। मगर न तो प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया और न ही लोगों ने सरकार का सहयोग किया। इसका परिणाम यह हुआ कि दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिवाली पर भी जमकर आतिशबाजी हुई।
पटाखों के धुएं में उड़ गए प्रशासन के आदेश
फरीदाबाद। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय डॉ. अर्पित जैन ने अधिकारियों की कई बार बैठक लेकर उन्हें सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी सूरत में शहर में आदेशों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए। लेकिन शनिवार शाम करीब पांच बजे से ही लोगों ने आतिशबाजी करनी शुरू कर दी थी।
ग्रेटर फरीदाबाद में सबसे ज्यादा शोर-शराबा और आतिशबाजी हनुमान नगर, भारत कॉलोनी, इंद्रा कॉम्प्लेक्स में देखने को मिली। वर्ल्ड स्ट्रीट के पास चौड़े रोड पर लोगों ने गाड़ी की छतों पर भी मल्टीपल साउंड वाले पटाखे फोड़े। ओल्ड फरीदाबाद में भी बसेलवा कॉलोनी, भूड़ कॉलोनी, डबुआ, नंगला जैसी बड़ी कॉलोनियों के साथ-साथ सेक्टर एरिया में भी जागरूकता या पुलिस की सख्ती नहीं दिखी। आदेशों की धज्जियां उड़ने के बावजूद जिले में पटाखा जलाने पर एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया। पटाखा बेचने पर केवल एक मामला कोतवाली थाने में दर्ज हुआ है जिससे करीब 15 हजार रुपये कीमत के पटाखे जब्त किए गए हैं। इससे साफ है कि पुलिस-प्रशासन के आदेश को पटाखों के धुएं में उड़ा दिया गया।