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Faridabad News: मौत से तीन दिन पहले राजीव गांधी ने दशहरा ग्राउंड में दिया था भाषण

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नेता की एक झलक पाने के लिए आधी रात को भी डटे थे लाखों लोग
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कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। देशभर में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को आदर्श आचार संहिता लगा दी गई। तमाम छोटे बडे़ नेता और उनके समर्थक अपनी-अपनी तरह से लोगों को रिझाने और अपनी तरफ खींचने की जुगत में लगने वाले हैं। ऐसे में अमर उजाला अपने पाठकों को यादों के झरोंखे से उन बातों के बारे में बताएगा जो कई साल पहले हुई लेकिन यादगार बन गई।
बात साल 1991 की है। लोकसभा चुनाव अपने चरम पर था। कांग्रेस पार्टी की तरफ से अवतार सिंह भड़ाना फरीदाबाद से मैदान में थे। 18 मई को एनआईटी दशहरा मैदान में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी आने वाले थे। रैली ज्यादा और समय कम होने के कारण राजीव तय समय से काफी लेट हो गए। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन सदस्य आनंद कौशिक मंच पर व्यवस्था संभाल रहे थे। देखते ही देखते रात के बारह बज गए। करीब सवा बारह बजे राजीव मंच पर आए और भाषण शुरू हुआ। इसके तीसरे दिन 21 मई साल 1991 को राजीव गांधी की धमाके में मौत हो गई। राजीव गांधी का फरीदाबाद में वो आखिरी भाषण था। कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी अवतार भड़ाना ने भारी मतों से जीत हासिल की थी।
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रातभर सड़कों पर था लोगों का हुजूम
कांग्रेसी नेता बलजीत कौशिक ने बताया कि वह अपने भाई के साथ उस रैली में मौजूद थे। रात होने के बावजूद लोगों की भीड़ घटने की बजाय बढ़ती जा रही थी। हर कोई राजीव गांधी की एक झलक पाना चाहता था। वो ऐसा दौर था जब रैलियों के लिए भीड़ एकत्रित करने से ज्यादा मुश्किल काम लोगों को संभालने का होता था। लोग खुद से बढ़-चढ़कर रैलियों में शामिल होते थे। 18 मई 1991 की आधी रात को भी एनआईटी की सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। रात होने के कारण राजीव गांधी सड़क मार्ग से आए थे। राजीव को देखने के लिए लोग काफी दूर तक उनकी गाड़ी के पीछे तक दौड़ते रहे थे।
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